Publish Date: Fri, 08 Mar 2019 (16:24 IST)
Updated Date: Fri, 08 Mar 2019 (16:29 IST)
कानपुर देहात। पुलवामा हमले में शहीद हुए जवान की पत्नी देश की तमाम महिलाओं के लिए एक मिसाल बनी हुई हैं। कानपुर देहात के गांव रैगवा के रहने वाले जवान श्याम बाबू पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।
पत्नी रूबीदेवी ने पति की शहादत पर गर्व जताते हुए देश के तमाम शहीदों की पत्नियों को नसीहत दी कि अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर फौज में भर्ती करें ताकि वे सब देश की सेवा कर सकें और आतंकियों को मार गिराकर अपने पिता की मौत का बदला ले सकें और पिता के अधूरे सपनों को पूरा करें।
रूबीदेवी पति को खोने के दु:ख के बावजूद बड़े साहस और धैर्य का परिचय देते हुए 4 साल के मासूम बेटे और 4 माह की मासूम बेटी को संभालते हुए उनको फौज के लिए तैयार करने में लगी हुई हैं। रूबीदेवी पति की शहादत के बाद अपने पति की तरह ही घर के कामकाज, बच्चों की परवरिश और बूढ़े माता-पिता की देखभाल करने में लगी हुई हैं।
उन्होंने बताया कि देश की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। अगर आतंकियों ने छुपकर यह कायराना हरकत न की होती और सामने आते तो हमारे पति कम से कम 50 आतंकियों को मार गिराते और तब शायद हमें इससे ज्यादा भी गर्व होता।
शहीद की पत्नी ने आतंकी हमले के बदले को लेकर कहा की सेना ने जो बदला लिया है, वह ठीक है लेकिन जब तक सारे आतंकवादी चुन-चुनकर नहीं मारे जाते, तब तक बदला पूरा नहीं होगा। हम चाहते हैं कि हम पर जो मुसीबत आई है, वो देश की रक्षा कर रहे दूसरे जवानों की पत्नियों पर न आए।
शहीद की पत्नी का सम्मान : महिला दिवस पर पहुंचीं जनपद की समाजसेविका कंचन मिश्रा ने शहीद की पत्नी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और बताया की हमें शहीद की पत्नियों पर गर्व है और यह समाज के लिए एक मिसाल भी है। हमारे देश की ये वीरांगनाएं भी हैं, जो बड़े साहस के साथ आतंकियों से लड़ने और देश की रक्षा के लिए अपने पतियों को बॉर्डर पर भेज देती हैं।
अवनीश कुमार
Publish Date: Fri, 08 Mar 2019 (16:24 IST)
Updated Date: Fri, 08 Mar 2019 (16:29 IST)