Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

सोनिया गांधी से सचिन पायलट की मुलाकात, क्या अब राजस्थान में गहलोत को लगेगा झटका

हमें फॉलो करें webdunia
गुरुवार, 29 सितम्बर 2022 (19:55 IST)
नई दिल्ली। Rajasthan Political Crisis : कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के बीच माना जा रहा है कि अशोक गहलोत को अब राजस्थान में झटका लग सकता है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया से मुलाक़ात की थी और जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं हो पाने की घटना के लिए उनसे माफी मांगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस बीच सचिन पायलट ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात कर ली है और माना जा रहा है कि आलाकमान राजस्थान को लेकर बड़ा फैसला ले सकता है। पायलट ने 10 जनपथ पहुंचकर सोनिया गांधी से मुलाकात की।

राजनीतिक गलियारों में यह खबर है कि सोनिया गांधी अगले 1-2 दिन में राजस्थान के मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करेंगी। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह जानकारी दी है। सोनिया गांधी के आवास ‘10 जनपथ’ पर उनसे मुलाकात के बाद गहलोत ने यह भी कहा कि उनके मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के बारे में फैसला सोनिया गांधी करेंगी।
 
50 साल से वफादार सिपाही : सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद गहलोत ने कहा कि मैं पिछले 50 वर्षों से कांग्रेस का वफादार सिपाही रहा हूं...जो घटना दो दिन पहले हुई उसने हम सबको हिलाकर रख दिया। मुझे जो दुख है वो मैं ही जान सकता हूं। पूरे देश में यह संदेश चला गया कि मैं मुख्यमंत्री बने रहना चाहता हूं इसलिए यह सब हो रहा है।’’
गहलोत ने कहा कि हमारी परंपरा है कि एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया जाता है। दुर्भाग्य से ऐसी स्थिति बन गई कि प्रस्ताव पारित नहीं पाया। मैं मुख्यमंत्री हूं और विधायक दल का नेता हूं। यह प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया, इस बात का दुख मुझे हमेशा रहेगा। मैंने सोनिया जी से माफी मांगी है।
 
उन्होंने कहा कि मैंने तय किया है कि इस माहौल के अंदर अब चुनाव नहीं लड़ूंगा। यह मेरा फैसला है। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव पर राजस्थान में उत्पन्न राजनीतिक संकट की छाया पड़ी है। गत रविवार की शाम जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन गहलोत समर्थक विधायक इसमें शामिल नहीं हुए थे।
 
पार्टी पर्यवेक्षकों मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन ने इसे मंगलवार को ‘घोर अनुशासनहीनता’ करार दिया था और गहलोत के करीबी 3 नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। अनुशंसा के कुछ देर बाद ही पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की ओर से इन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर दिए गए। (Edited by Sudhir Sharma इनपुट भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

अयोध्या में लगेगी सबसे ऊंची प्रतिमा, जानिए कितनी होगी रामजी की ऊंचाई