Publish Date: Sat, 10 Nov 2018 (09:35 IST)
Updated Date: Sat, 10 Nov 2018 (09:39 IST)
कर्नाटक में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी टीपू जयंती पर राजनीति गरमा गई है। कर्नाटक सरकार 2016 से टीपू सुल्तान की जयंती मना रही है जबकि बीजेपी ने इस कार्यक्रम को बाधित करने की धमकी दी है। इसके बाद हुबली, धारवाड़ और शिवमोग्गा सहित कर्नाटक के कई शहरों में धारा-144 लागू कर दी गई है। इस बार जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
धारा 144 लागू होने से एक दिन पहले बीजेपी ने जेडीएस एवं कांग्रेस सरकार से जश्न न मनाने की अपील की थी। साथ ही बेंगलुरु, मैसूर और कोडागु सहित कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किया गया था। 10 और 11 नवंबर को सुबह 6 और 7 बजे से इन दोनों शहरों में कर्फ्यू लगा दिया जाएगा।
इस दौरान एक ही जगह पर 4 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। इस मामले पर गठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की नीति को जारी रखने के लिए 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती मनाया जाएगा।
स्वामी के इस बयान के बाद बीजेपी ने कार्यक्रम के विरोध करने की घोषणा की है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कुमारस्वामी मुख्य समारोह में शामिल होंगे या नहीं या स्वामी कौन से कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।