Publish Date: Thu, 27 Apr 2017 (12:54 IST)
Updated Date: Thu, 27 Apr 2017 (12:57 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'कम लाइन लॉस' वाले फीडरों को 24 घंटे बिजली देने के आदेश के 48 घंटे के भीतर ही ऐसे 74 फीडर्स को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को गाजियाबाद के मोदीनगर, लोनी और बुलंदशहर के सिकंदराबाद के नगरीय क्षेत्रों में 16 बिजलीघरों के अंतर्गत 74 फीडर्स को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की। 'कम लाइन लॉस (नुकसान)' वाले फीडरों को 24 घंटे बिजली देने के आदेश के 48 घंटे के भीतर ही ऐसे 74 फीडर्स को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक इस घोषणा के बाद मोदीनगर के लगभग 2 लाख, सिकंदराबाद के 97 हजार एवं लोनी क्षेत्र के 1.50 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सिकंदराबाद के नगरीय क्षेत्र एवं लोनी क्षेत्र के ट्रोनिका सिटी, अप्रैल पार्क, रूप नगर, डीएलएफ, लालबाग, कृष्णा विहार, कुटी एवं इन्द्रप्रस्थ क्षेत्र पर स्थापित बिजलीघरों के फीडर्स में तत्काल प्रभाव से 24 घंटे बिजली आपूर्ति शुरू हो गई है।
प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि 'पॉवर फॉर ऑल' योजना के तहत अक्टूबर 2018 से पूरे प्रदेश में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति करने का लक्ष्य है। इसके लिए बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही बिजली चोरी पर लगाम कसने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने के लिए प्रेरित करने और बकाया वसूली के लिए 'एमनेस्टी योजना' भी शुरू की गई है। एमनेस्टी योजना के तहत ग्रामीण और शहरी बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में 100 प्रतिशत की छूट दी गई है। इसके अलावा 10 हजार रुपए से अधिक के बिल को 4 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि इसी क्रम में सर्वदा (स्पेशल एमनेस्टी फॉर रिस्पॉन्सिबल वॉलंटरी डिक्लरेशन) योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत कटिया से बिजली लेने, घरेलू कनेक्शन पर कॉमर्शियल यूज करने और चोरी से अधिक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है।
उन्होंने बताया कि अवैध कनेक्शन 2 महीने के अंदर नियमित करवा ऐसे उपभोक्ता मुख्य धारा में शामिल हो सकते हैं। सरकार ने राज्य को 24 घंटे बिजली देने के लिए बकाया भुगतान करने और कनेक्शन नियमित करवाने का अनुरोध किया है। सर्वदा योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को जुर्माने और कार्रवाई से राहत दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को नियमानुसार बकाया ही चुकाना होगा। (भाषा)