Publish Date: Sat, 31 Jan 2026 (17:46 IST)
Updated Date: Sat, 31 Jan 2026 (17:49 IST)
- योगी सरकार के नेतृत्व में 3.57 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित
- प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर
- प्रतिदिन 50 लाख यूनिट ग्रीन बिजली उत्पादन
- 1227 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता
- 3000 रुपए प्रतिमाह तक औसत बचत
- बिजली बिल में 60–90% तक कमी
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रमुख योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय पोर्टल के अनुसार देशभर में अब तक 58.36 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि अकेले उत्तर प्रदेश में 10.94 लाख से अधिक आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
3.57 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित
योगी सरकार की सक्रिय नीति और यूपीनेडा व वितरण कंपनियों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में अब तक 3,57,879 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उत्तर प्रदेश की कुल स्थापित सौर क्षमता 1,227.05 मेगावाट तक पहुंच गई है। योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को अब तक 2,440.62 करोड़ रुपए की केंद्रीय सब्सिडी और लगभग 600 करोड़ रुपए की राज्य सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है।
उपभोक्ताओं को सीधा लाभ, बिजली बिल में भारी राहत
पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगाए गए रूफटॉप सोलर सिस्टम से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 60 से 90 प्रतिशत तक की कमी आई है। उपभोक्ताओं को औसतन 1,500 रुपए से 3,000 रुपए प्रति माह तक की बचत हो रही है। इसके साथ ही 25 वर्षों तक कम लागत पर स्वच्छ और स्थायी बिजली, नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में समायोजित करने जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं।
हर दिन 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली उत्पादन
प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन सोलर बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे वितरण कंपनियों पर पीक डिमांड का दबाव कम हुआ है और ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली अधिक स्थिर व सक्षम बनी है। यह पहल उत्तर प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान
पीएम सूर्य घर योजना के जरिए उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 13 से 15 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है। कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता घटने से वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है, जिससे भारत के नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्य को मजबूती मिल रही है।
डिजिटल और हरित ऊर्जा इकोसिस्टम
योगी सरकार पीएम सूर्य घर योजना को भविष्य में यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस (UEI) आधारित डिजिटल ऊर्जा ढांचे से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत सौर उत्पादन, स्मार्ट मीटरिंग, नेट मीटरिंग, कार्बन डेटा और भुगतान प्रणालियों को बैंकिंग व वित्तीय सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
इससे ईवी चार्जिंग, ग्रीन फाइनेंसिंग, कार्बन क्रेडिट ट्रैकिंग और ऊर्जा आधारित वित्तीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। ईयू-इंडिया एफटीए और सीबीएएम (कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म) के संदर्भ में यह पहल उत्तर प्रदेश के एमएसएमई और निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को भी मजबूत करेगी।
Edited By : Chetan Gour