Publish Date: Sat, 31 Mar 2018 (07:30 IST)
Updated Date: Sat, 31 Mar 2018 (08:17 IST)
सुल्तानपुर। उतर प्रदेश में सुल्तानपुर के सांसद एवं भाजपा नेता वरुण गांधी ने एक जनसभा में मंच पर बैठे बाबा रामदास के साथ सेल्फी ली और आध्यात्म पर बोलते हुए कहा कि मुझे भी बाबा होना चाहिए था।
उन्होंने एक जनसभा में कहा कि हमारा आध्यात्मिक विचार इतना अच्छा है, इसका हमें खुद ही नहीं पता था। राजनीति का मतलब पद प्राप्त करना नहीं है, पद तो आते-जाते हैं। राजानीति का मतलब है कि लोगों की दुआ प्राप्त करना। जीवन पर चर्चा करते हुए कहा कि ये जीवन 'गंगा जी' की तरह है, जितना आप उसके अंदर जाएंगे, उतना आप पाक साफ और पवित्र होते जाएंगे।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे महापुरुषों के बारे में जब उनके इर्द-गिर्द के लोगों ने उनकी महानता को बताया तभी तो उनके बारे में देश दुनिया को पता चला।
उन्होंने कहा कि युवाओ की टीम जो पूरे उत्साह से उनका स्वागत करती है और युवा किसी भी क्षेत्र में लग जाए तो मुर्दो में भी जान डाल सकते है। अपने सुल्तापुर आगमन पर कहा कि यहां के लोगों का प्यार उन्हें खींच लाता है।
गांधी ने कहा कि जब वह लोगों को देखते हैं तो लोगों की निगाहों में अपने लिए एक उम्मीद की झलक दिखती है। लोग अपने किसी भी संकट में उन्हें याद करें। वरुण गांधी ने कहा कि जीवन किसी मकान-दुकान को नहीं कहते, जो दिल के अंदर है जीवन उसे कहते हैं। जितना आप लोगों के सीनों में घुसेंगे, उतना आपको लगेगा कुछ हमारी भी कमाई हुई है।
उन्होंने कहा, मैं ईमानदारी के साथ कह सकता हूं कि मैं राजनीति में सच्चाई के साथ हूं, किसी को चोट पहुंचाने, नीचा दिखाने एवं तंग करने के लिए नहीं हूं। उन्होंने कहा कि मैं चार साल से सांसद हूं, क्या मैंने एक भी आदमी को सुल्तानपुर में बुरा-भला कहा है तो लोगों ने नहीं में जवाब दिया। (वार्ता)