Publish Date: Tue, 06 Mar 2018 (15:01 IST)
Updated Date: Tue, 06 Mar 2018 (15:07 IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री नंद गोपाल नंदी द्वारा सपा, बसपा के शीर्ष नेताओं की रावण तथा अन्य पात्रों से तुलना किए जाने को लेकर मंगलवार को विधान परिषद में जोरदार हंगामा और जमकर नारेबाजी हुई। हंगामे के बाद कार्यवाही को 12 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बसपा दल के नेता सुनील चित्तौड़ ने प्रदेश के नागर उड्डयन मंत्री नंदी द्वारा परसों इलाहाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में बसपा अध्यक्ष मायावती समेत विभिन्न नेताओं की तुलना पौराणिक पात्रों से किए जाने का कड़ा विरोध जताते हुए सभापति रमेश यादव से मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
सदन में सपा और विपक्ष के नेता अहमद हसन ने भी कहा कि मंत्री नंदी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रति किया है, उस पर लगाम लगाने की जरूरत है। अगर लगाम नहीं लगी तो सदन चलना उचित नहीं होगा। भाजपा नफरत फैला रही है।
उन्होंने कहा कि हर मंत्री सरकार का भागीदार होता है और किसी भी मंत्री का ऐसी गैरजिम्मेदाराना, अशोभनीय और बेहूदा बात करना उचित नहीं है। उन्होंने इस पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग की।
राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मर्यादाओं में रहकर ही टीका-टिप्पणी होनी चाहिए। भाजपा किसी के बारे में कहे गए अपशब्दों का ना तो समर्थन करती है और ना ही भाजपा की ऐसी सोच है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने भी इस तरह की टिप्पणी की है तो यह गलत है और हम इसको स्वीकार नहीं करते।
मालूम हो कि इलाहाबाद के फूलपुर में परसों आयोजित चुनावी रैली में प्रदेश के नागर उड्डयन मंत्री नंदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की तुलना रावण से, शिवपाल यादव की कुम्भकर्ण से, अखिलेश यादव की मेघनाद से तथा बसपा मुखिया मायावती की तुलना शूर्पणखा से की थी। उन्होंने मायावती पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की थी।
साथ ही नंदी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तुलना मारीच से की थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना भगवान राम से और मुख्यमंत्री योगी की तुलना भगवान हनुमान से की थी।