Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

अनमोल वचन : भगवान श्रीकृष्ण पर कब, किसने, क्या कहा, जानिए यहां

Advertiesment
हमें फॉलो करें श्रीकृष्ण
webdunia

डॉ. छाया मंगल मिश्र

भगवान श्रीकृष्ण हम सबको प्रिय हैं,आइए जानते हैं उन पर किसने क्या रचा है।
 
- गोप्यो गाय ऋचस्तस्य।
 
ऋचाएं श्रीकृष्ण की गौएं व गोपियां हैं। (कृष्णोपनिषद्-8)
 
- कृष्णस्तु भगवान् स्वयम् ।
 
कृष्ण स्वयं भगवन हैं। (भगवत-1/3/28)
 
- तुलसी दास इहै अधिक कान्ह पहिं, निकेई लागत मन रहत समाने। (तुलसीदास- श्रीकृष्ण गीतावली, पद3)
 
कृष्ण में यह विशिष्टता है कि वे सदा अच्छे ही लगते हैं। इसी से मन में समाये रहते हैं।
 
- संसार में एक कृष्ण ही हुए जिसने दर्शन को गीत बनाया।(राममनोहर लोहिया, कृष्ण पृ।14)
 
- लाम के मानिंद है जुल्फ़ें मेरे घनश्याम की, वे हैं काफ़िर जो नहीं बन्दे हुए इस-लाम के | (अज्ञात)
 
मेरे घनशयाम की जुल्फ़ें उर्दू के ‘लाम’ अक्षर के समान है। जो इस लाम के (इस्लाम के नहीं) भक्त नहीं बन पाए उन्हें ‘काफ़िर’ (नास्तिक) समझो।
 
- यामैं संदेह कछु दैया हौं पुकारे कहौं, भैया की सौं मैय्या री कन्हैया जादूगर है
 
(भारतेंदु हरिश्चंद्र-प्रेम-माधुरी,82)
 
- मोहिनी मूरति स्याम की अति अद्भुत गति जोय। वसति सुचित अंतर तरु, प्रतिबिंबित जग होय।
 
(बिहारी-बिहारी सतसई,3)
 
- वृन्दावन सो वन नहीं,नन्द गाँव सो गांव।बंशीवट सो वट नहीं, कृष्ण नाऊँ सो नाऊँ ।।-(अज्ञात)
 
- कृष्णात् परं किमपि तत्वमहं न जाने | (मधुसुदन सरस्वती- श्री गीता गूढ़ार्थ दीपिका टिका, 15/20)
 
 भगवान श्री कृष्ण को छोड़ कर अन्य किसी भी तत्व को मैं नहीं जानता। 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

महालक्ष्मी या गजलक्ष्मी व्रत : पितृपक्ष की अष्टमी के शुभ दिन मां लक्ष्मी को ऐसे करें प्रसन्न