Biodata Maker

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

कच्छपावतार : क्यों लिया था श्रीहरि विष्णु ने कच्छप अवतार, पढ़ें पौराणिक कथा

Advertiesment
कच्छप अवतार जयंती 2021
हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु ने कछुए का अवतार लेकर समुद्र मंथन में सहायता की थी। भगवान विष्णु के इस कच्छप अवतार को कूर्म अवतार भी कहते हैं। वैशाख माह की पूर्णिमा को कूर्म जयंती मनाई जाती है।
 
पौराणिक कथा : दुर्वासा ऋषि ने अपना अपमान होने के कारण देवराज इन्द्र को ‘श्री’ (लक्ष्मी) से हीन हो जाने का शाप दे दिया। भगवान विष्णु ने इंद्र को शाप मुक्ति के लिए असुरों के साथ 'समुद्र मंथन' के लिए कहा और दैत्यों को अमृत का लालच दिया। तब देवों और अनुसरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। 
 
समुद्र मंथन के लिए उन्होंने मदरांचल पर्वत को मथानी एवं नागराज वासुकि को नेती बनाया गया। परंतु नीचे कोई आधार नहीं होने के कारण पर्वत समुद्र में डूबने लगा। यह देखकर भगवान विष्णु विशाल कूर्म (कछुए) का रूप धारण कर समुद्र में मंदराचल के आधार बन गए। 
 
भगवान कूर्म की विशाल पीठ पर मंदराचल तेजी से घूमने लगा और इस प्रकार समुद्र मंथन संपन्न हुआ। समुद्र मंथन करने से एक एक करके रत्न निकलने लगे। कुल 14 रत्न निकले।


Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान




Hanuman Chalisa In Hindi
Hanuman Chalisa In Hindi