Publish Date: Wed, 10 Aug 2016 (22:47 IST)
Updated Date: Wed, 10 Aug 2016 (23:55 IST)
रियो डि जेनेरियो। रियो ओलंपिक के पुरुष हॉकी प्रतियोगिता में अर्जेंटीना को हराकर अपनी दूसरी जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम गुरुवार को होने वाले अपने चौथे मुकाबले में 32 साल बाद हॉलैंड को हराने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
ओलंपिक में भारत और हॉलैंड अब तक 11 बार आमने सामने हुए हैं जिसमें भारत छह बार और हॉलैंड तीन बार जीता है, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा है। भारत ने हॉलैंड के खिलाफ अपना पिछला मुकाबला 1984 के लॉज एंजिल्स ओलंपिक में 5-2 के अंतर से जीता था।
36 साल बाद ओलंपिक पदक का सूखा समाप्त करने का सपना लिए कप्तान पीआर श्रीजेश की नेतृत्व वाली टीम ने मंगलवार रात आखिरी 12 मिनटों में अर्जेंटीना के लगातार हमलों की झड़ी पर अपने किले का बखूबी बचाव करते हुए मुकाबला 2-1 से जीत लिया। टीम ने इससे पहले आयरलैंड को 3-2 से हराया था जबकि जर्मनी के खिलाफ उसे अंतिम तीन सेकंड में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय टीम के तीन मैचों में दो जीत और एक हार के बाद पूल बी में कुल छह अंक हो गए हैं और टीम अंक तालिका में तीसरे नंबर है। हॉलैंड जैसी मजबूत टीम का हौसला पस्त करने के लिए भारत को विरोधी टीम की मिडफील्ड और रक्षापंक्ति को भेदना होगा।
इसके अलावा टीम को मिलने वाले पेनल्टी कार्नर को गोल में तब्दील करना होगा। भारत ने पिछले दो मुकाबले में अंतिम समय में गोल खाए हैं लिहाजा टीम को अपनी आक्रामकता के साथ-साथ अपनी रक्षा पंक्ति में सुधार लाने की जरुरत है।
ग्रुप बी में हॉलैंड और जर्मनी ही ऐसी दो टीमें हैं जो अभी तक अपराजेय हैं और ऐसे में भारत को हॉलैंड के खिलाफ अपना शत-प्रतिशत देना होगा। हॉलैंड की टीम ने अपने पहले मुकाबले में अर्जेंटीना के साथ 3-3 से ड्रा खेला था जबकि आयरलैंड को उसने 5-0 से और कनाडा को 7-0 से शिकस्त दी थी।
टीम के कुल सात अंक हैं और वह अपने ग्रुप में अंक तालिका में दूसरे नंबर पर है। हॉलैंड की टीम मौजूदा यूरोपियन चैंपियन और विश्व की दूसरे नंबर की टीम है। टीम ने इससे पहले लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीता और अटलांटा तथा सिडनी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। (वार्ता)
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Publish Date: Wed, 10 Aug 2016 (22:47 IST)
Updated Date: Wed, 10 Aug 2016 (23:55 IST)