ऑर्गेज्म का कारण पता चला?

न्यूयॉर्क। वैज्ञानिकों ने इस रहस्य पर से पर्दा हटा दिया है कि आखिर महिलाओं को चरम सुख (आर्गेज्म) की प्राप्ति क्यों होती है? पर इस रहस्य का संबंध हमारे पूर्वजों से है जो कि प्राचीन समय में बंदरों के करीबी थे।
 
विशेषज्ञों ने अतीत के ठीक उस समय का पता लगा लिया है जब सेक्स और प्रजनन का संबंध नहीं था। द सन में मैरिस फराज लिखती हैं कि इस रहस्य का पता लगा लिया गया है कि क्यों महिलाओं को ऑर्गेज्म होता है और यह विकासवादी प्रक्रिया से जुड़ा हिस्सा है जो कि बंदरों से जुड़ा हुआ है।
 
अमेरिकी विशेषज्ञों ने पाया कि महिलाएं बिना किसी यौन गतिविधियों में संलग्न हुए भी प्रजनन में सक्षम हो सकती हैं। पर वैज्ञानिकों ने पाया कि बंदरों सहित अन्य बहुत से स्तनपायी प्राणियों में चरम सुख से डिम्बोत्सर्जन में मदद मिलती है। आर्गेज्म के दौरान फील गुड हॉर्मोन्स पैदा होते हैं, जिनके कारण पुरुष और स्त्रियां इसमें ज्यादा रुचि लेती हैं। लेकिन मनुष्य का डिम्बग्रंथि चक्र, यौन गतिविधियों पर निर्भर नहीं रहता है और इस तरह विकास की प्रक्रिया में ऑर्गेज्म (चरमोत्कर्ष का सुख) और प्रजनन के बीच का संबंध समाप्त हो गया।
 
इस बारे में प्रो. माइहेला पावलीकेव का कहना है कि हम समझते हैं कि हारमोनों में होने वाली वृद्ध‍ि एक ऐसी विशेषता के तौर पर सामने आती है, जिसे हम मनुष्यों में फीमेल ऑर्गेज्म के तौर पर जानते हैं। इस तरह की जानकारी से हमें विभिन्न प्रजातियों या नस्लों में विकास संबंधी विशेषताओं को समझने में मदद मिली। 

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