Mahashivratri 2026: यदि आपने महाशिवरात्रि का व्रत रखा है तो इसका पारण 16 फरवरी को होगा। 16 फरवरी 2026 को सोमवार होने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि सोमवार भगवान शिव का दिन है। महाशिवरात्रि के अगले दिन सोमवार का होना शिव भक्तों के लिए बहुत शुभ संयोग है। इस दिन दान-पुण्य और शिव मंदिर में जाकर दर्शन करना विशेष रूप से लाभकारी रहेगा।
महाशिवरात्रि व्रत पारण का समय:
सुबह 06:59 AM से दोपहर 03:24 PM के बीच है। शास्त्रों के अनुसार, चतुर्दशी तिथि समाप्त होने से पहले व्रत खोलना श्रेष्ठ माना जाता है। महाशिवरात्रि का मुख्य उत्सव और जागरण 15 फरवरी की रात को होगा, लेकिन व्रत का समापन (पारण) 16 फरवरी को सूर्योदय के बाद किया जाएगा।
सात्विक भोजन से करें पारण
यदि आपने 15 फरवरी को व्रत रखा है, तो 16 फरवरी को सुबह स्नान के बाद भगवान शिव की पूजा करें और फिर दान देकर सात्विक भोजन से अपना व्रत खोलें। सबसे पहले पानी पीएं और फिर कुछ फलाहार लेकर के व्रत खोलें।
महाशिवरात्रि व्रत विधि
शिवरात्रि के एक दिन पहले, मतलब त्रयोदशी तिथि के दिन, भक्तों को केवल एक समय ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। शिवरात्रि के दिन, सुबह नित्य कर्म करने के पश्चात्, भक्त गणों को पुरे दिन के व्रत का संकल्प लेना चाहिए। अगले दिन सुबह व्रत का पारण करना चाहिए। पारण अर्थात व्रत को खोलना चाहिए।