Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

द्वादशी का श्राद्ध संन्यासियों के लिए क्यों, जानिए क्या करें इस दिन

हमें फॉलो करें webdunia
बुधवार, 21 सितम्बर 2022 (12:23 IST)
एकादशी के अलावा द्वादशी के श्राद्ध को भी संन्यासियों का श्राद्ध कहा जाता है। द्वादशी तिथि के देवता भी विष्णु ही है। आश्‍विन माह के कृष्ण पक्ष की 12वीं तिथि के दिन यह श्राद्ध रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 22 सितंबर 2022 गुरुवार को यह श्राद्ध रखा जाएगा। द्वादशी श्राद्ध किन पितरों के लिए किया जाता है, जानिए खास बातें।
 
- जिनके पिता संन्यासी हो गए हो उनका श्राद्ध द्वादशी तिथि को किया जाना चाहिए।
 
- जिनके पिता का देहांत इस तिथि को हुआ है उनका श्राद्ध भी इसी तिथि को करते हैं। 
 
- इस तिथि को ‘संन्यासी श्राद्ध’ के नाम से भी जाना जाता है।
 
- द्वादशी श्राद्ध करने से राष्ट्र का कल्याण तथा प्रचुर अन्न की प्राप्ति कही गयी है।
 
 
- एकादशी और द्वादशी को वैष्णव संन्यासियों का श्राद्ध करते हैं।
 
- इस दिन पितरगणों के अलावा साधुओं और देवताओं का भी आह्‍वान किया जाता है।
 
- इस दिन संन्यासियों को भोजन कराया जाता है या भंडारा रखा जाता है।
 
- इस तिथि में 7 ब्राह्मणों को भोजन कराने का विधान है। यदि यह संभव न हो तो जमाई या भांजे को भोजन कराएं।
 
 
- इस श्राद्ध में तर्पण और पिंडदान के बाद पंचबलि कर्म भी करना चाहिए।
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर 7 काम जरूर करें, पितृ होंगे प्रसन्न