Publish Date: Wed, 28 Feb 2018 (14:44 IST)
Updated Date: Wed, 28 Feb 2018 (14:47 IST)
नई दिल्ली। भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय स्कोरिंग प्रणाली में बदलाव और कोर्ट पर कोचिंग में कटौती के विश्व बैडमिंटन महासंघ के प्रस्ताव से खुश नहीं हैं और उन्होंने कहा कि इससे खेल की ब्रांड वैल्यू में बढ़ोतरी नहीं होगी।
बीडब्ल्यूएफ परिषद ने प्रस्ताव रखा है कि 11 अंक के लेमन ब्रेक और हर गेम के आखिर तक कोर्ट पर मिलने वाली कोचिंग में कटौती की जाए। इसमें यह भी सुझाव दिया गया है कि अंकों के बीच लिए जाने वाले समय में भी कटौती की जाए। मई में बैंकॉक में बीडब्ल्यूएफ की सालाना आम बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा।
प्रणय ने कहा कि बैडमिंटन काफी तेज रफ्तार खेल है और ब्रेक नहीं मिलने पर आपके पास सांस लेने की भी फुर्सत नहीं होती। आप पसीना नहीं सुखा सकते, पानी नहीं पी सकते, ये सभी नियम खिलाड़ियों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार हालात अनुकूल नहीं होते तो आपको कोचों की जरूरत पड़ती है, क्योंकि वे ही सबसे अच्छे से बता सकते हैं। इसके अलावा मौजूदा 3 गेम के ढांचे को बेस्ट ऑफ फाइव में बदलने का भी प्रस्ताव है। प्रणय ने कहा कि मैं इस प्रारूप का पक्षधर नहीं हूं, क्योंकि 21 प्वॉइंट का प्रारूप उबाऊ नहीं है। यह उनके लिए फायदेमंद होगा, जो फिट नहीं हैं। (भाषा)