आमिर खान के गुरु कृपाशंकर बिश्नोई को मिलेगा 'मीडिया रत्न' अवॉर्ड

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

रविवार, 15 सितम्बर 2019 (18:10 IST)
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और उनकी पूरी यूनिट को फिल्म 'दंगल' में कुश्ती के गुर सिखाने वाले मध्यप्रदेश के विख्यात पहलवान कृपाशंकर बिश्नोई को अर्जुन और विक्रम पुरस्कार के बाद राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय मीडिया रत्न' पुरस्कार 2018 के लिए नामांकित किया गया है। यह अवॉर्ड उन्हें दिल्ली में 26 सितम्बर को दिया जाएगा।
 
राष्ट्रीय मीडिया रत्न पुरस्कार समिति के अध्यक्ष रेहाना परवीन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष ग्राउंड जीरो पर कार्य करने वाले पत्रकारों व मीडियाकर्मियों की ओर से उन शख्सियतों को दिया जाता है,जो पत्रकारों व मीडियाकर्मियों के बीच हमेशा रहते हैं और उन्हें अपने कार्य करने मैं हर संभव सहयोग देते हैं। पत्रकारों की मदद व पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह अवार्ड उन्हें दिया जाएगा।
रेहाना परवीन ने बताया की मीडिया प्रेस क्लब द्वारा दिया जाने वाला राष्ट्रीय मीडिया रत्न पुरस्कार के लिए भी सभी नामों की घोषणा कर दी गई है, जिसमे फिल्म दंगल में मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के साथ महिला अभिनेत्रियों को कुश्ती के गुर सिखाने वाले अंतराष्ट्रीय कुश्ती रेफरी व भारतीय महिला कुश्ती टीम के कोच कृपाशंकर बिश्नोई के नाम को समिति ने संयुक्त रूप से सहमति के बाद नामांकित किया है।
 
उन्होंने बताया राष्ट्रीय मीडिया रत्न पुरस्कार समिति को प्रथम चरण में देशभर के 2167 पत्रकारों ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले 252 महानुभावों का नाम सिफारिश किया था, जिसमे दूसरे चरण में सबसे अधिक पसंद करने वाले महानुभाव वोटिंग आधार पर सबसे अधिक वोट पाने वाले 45 महानुभाव व विभागों का चयन हुआ जिन्हें दिल्ली में 26 सितम्बर को आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रीय मीडिया रत्न अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा।
 
कृपाशंकर पटेल बिश्नोई न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में उन पहलवानों में गिने जाते हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया में सफलता के झंडे गाड़े हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कुश्ती के क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन देकर अब तक 11 स्वर्ण, 8 रजत और 5 कांस्य पदक जीते हैं। 
 
राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 25 स्वर्ण, 11 रजत और 7 कांस्य पदक जीतकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। वह देश के ऐसे पहले पहलवान थे, जिन्होंने विभिन्न कुश्ती शैलियों (फ्री स्टाइल और ग्रीको-रोमन शैली) में एकल प्रतियोगिता में 2 स्वर्ण जीते थे। यह उपलब्धि 2005 कॉमनवेल्थ में की गई थी।

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