Publish Date: Mon, 05 Feb 2018 (11:19 IST)
Updated Date: Mon, 05 Feb 2018 (12:59 IST)
नई दिल्ली। दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी अमेरिका की बेईवान झेंग ने सोमवार को यहां इंडिया ओपन 2018 के फाइनल में पीवी सिंधु को हराकर पहली बार सुपर सीरीज स्तर का खिताब जीतने के बाद इसे अपने करियर की सबसे बड़ी जीत करार देते हुए कहा कि उनके पास गंवाने के लिए कुछ नहीं था जबकि मेजबान देश की खिलाड़ी होने के कारण सिंधु पर काफी दबाव था।
पहली बार सुपर सीरीज स्तर के किसी टूर्नामेंट के फाइनल में खेल रही 5वीं वरीय बेईवान ने सिरी फोर्ट खेल परिसर में शीर्ष वरीय और गत चैंपियन सिंधु को 69 मिनट चले मुकाबले में 21-18, 11-21, 22-20 से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया। बेईवान ने मैच के बाद कहा कि उसके ऊपर अधिक दबाव था। मेरे पास गंवाने के लिए कुछ नहीं था। भारतीय दर्शक चाहते थे कि वे जीते इसलिए वे दबाव में थीं और उसे इसका नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा कि मुझे अपने कमजोर और मजबूत पक्ष पता है और मैं इन्हीं के मुताबिक खेली। मैं आक्रामक खिलाड़ी हूं लेकिन मैंने कम स्मैश मारे। मैं सिंधु के खेल के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश की। सिंधु के खिलाफ मैच की रणनीति के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मैंने सिर्फ यही सोचा था कि किसी भी तरह का दबाव नहीं लेना और अपना स्वाभाविक खेल खेलना है।
अपने नए कोच की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे नए कोच ने मेरी काफी मदद की। उन्हें मुझे कई नए पहलू बताए। वह विरोधी को लेकर मुझे सटीक जानकारी देते हैं जिसका मुझे काफी फायदा हुआ। इंडिया ओपन की जीत को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए उन्होंने कहा कि बेशक यह मेरे करियर की सबसे बड़ी जीत है। (भाषा)