Publish Date: Mon, 02 Jan 2017 (22:58 IST)
Updated Date: Mon, 02 Jan 2017 (23:04 IST)
चेन्नई। हाल में संन्यास लेने वाले सोमदेव देववर्मन ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) पर निशाना साधते हुए कहा कि महासंघ खिलाड़ियों की मदद से लिए अच्छी प्रणाली तैयार करने का इच्छुक नहीं है और उन्होंने प्रतिभावान बच्चों को ट्रेनिंग के लिए विदेश जाने की सलाह दी। चेन्नई ओपन के इतर मीडिया से बात करते हुए सोमदेव ने यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या वह एआईटीए से निराश हैं?
उन्होंने कहा, मैंने उनसे कभी कोई उम्मीद नहीं की थी इसलिए निराश होने का सवाल ही नहीं उठता। वे मदद करने, संस्कृति और प्रणाली तैयारी करने के इच्छुक नहीं हैं और मैंने काफी जल्दी यह महसूस किया। मुझे 2007 में डेविस कप के लिए बुलाया गया और मैं हवाई अड्डे पर फंस गया।
सोमदेव ने कहा, मेरे कोच ने इन लोगों से दूर रहने और किसी को दोषी नहीं ठहराने की सलाह दी। मैं ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं करना चाहता जो विश्वसनीय नहीं हैं। सोमदेव ने यह प्रतिक्रिया यह कहने के बाद दी कि वह एआईटीए की अब और आलोचना नहीं करेंगे क्योंकि अगर वे ऐसा करेंगे तो उन्हें उनसे कोई काम नहीं मिलेगा।
लेकिन सोमदेव ने कहा कि उन्होंने जिस तरह का खेल खेला और उनका जिस तरह का अनुभव है वे भारतीय टेनिस में अंतर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर मैं एआईटीए की आलोचना जारी रखूंगा तो मुझे उनसे काम नहीं मिलेगा। मैं अब भी अपने विकल्पों पर विचार कर रहा हूं। मैंने काफी अच्छी चीजें की हैं, मैं काफी कुछ दे सकता हूं। (भाषा)