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इंदौर के क्रिकेटर्स ने सिलेक्शन के बाद दिया बयान,आवेश ने कहा सपना पूरा हुआ, वेंकटेश को था यकीन

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बुधवार, 10 नवंबर 2021 (16:28 IST)
इंदौर: न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किए गए तेज गेंदबाज आवेश खान ने बुधवार को कहा कि देश की नुमाइंदगी का उनका सपना आखिरकार पूरा गया है।

अलग-अलग प्रतियोगिताओं में खेलकर तीन महीने बाद बुधवार सुबह ही इंदौर लौटे खान के घर उनके रिश्तेदारों, परिचितों और प्रशंसकों का तांता लग गया है जो उन्हें भारतीय टीम में चुने जाने की बधाई दे रहे हैं। इस दौरान उनके परिजन, आगंतुकों को मिठाई खिलाकर और आतिशबाजी कर खुशियां मनाते देखे गए।

मेरा सपना पूरा हो गया - आवेश खान

जश्न के बीच खान ने ‘‘पीटीआई’’ से कहा, ‘‘हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश के लिए खेले और वह इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए मेहनत करता है। मेरा यह सपना अब पूरा हो गया है।"खान ने कहा कि पिछली घरेलू प्रतियोगिताओं और आईपीएल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे उन्हें भारतीय टीम में जगह बनाने में मदद मिली।

इस 24 वर्षीय तेज गेंदबाज ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अमय खुरासिया, चंद्रकांत पंडित, देवेंद्र बुंदेला और अब्बास अली जैसे पूर्व क्रिकेटरों को दिया जिन्होंने उनकी काबिलियत को पहचाना और मार्गदर्शन के जरिये इसे तराशा।खान ने कहा कि उन्हें बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक था और वह पेशेवर क्रिकेटर ही बनना चाहते थे।
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तेज गेंदबाज के पिता आशिक खान याद करते हैं कि उनके बेटे के सपनों को कैसे पंख लगे। उन्होंने बताया,‘‘मेरा बेटा पहले इंदौर कोल्ट्स क्रिकेट क्लब से जुड़ा। फिर अमय खुरासिया ने उसके हुनर को पहचानते हुए अपनी क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण के लिए उसे चुना। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।" उन्होंने बताया, ‘‘आवेश जब तीन महीने बाद आज (बुधवार) सुबह इंदौर लौटा, तो हम हवाई अड्डे से सीधे खुरासिया के घर पहुंचे और मेरे बेटे ने उनका आशीर्वाद लिया।’’ गौरतलब है कि आवेश खान के साथ ही इंदौर के हरफनमौला क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर (26) ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई है। दोनों खिलाड़ियों के इस चयन से स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में जश्न का माहौल है।

वेंकटेश अय्यर को था यकीन सिर्फ आईपीएएल ही नहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट भी दिलवाएगा टीम इंडिया की जर्सी

भारतीय क्रिकेट जगत में नाम कमाने वाले ऑलराउंडरों की संख्या काफी अधिक नहीं है और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने वाले वेंकटेश अय्यर को पता है कि अगर उन्हें अपनी अहमियत बनाए रखनी है तो खेल के दोनों पहलुओं पर ध्यान देना होगा। आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश के 26 साल के इस खिलाड़ी को 17 नवंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की घरेलू श्रृंखला के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है और उन्हें पता है कि भविष्य में उनके लिए (वर्कलोड मैनेजमेंट) काम के बोझ का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण पहलू रहेगा।

आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलने वाले अय्यर ने पीटीआई से कहा, 'अब तक वर्कलोड मैनेजमेंट अच्छा रहा है। मैं ऑलराउंडर हूं इसलिए मुझे खेल के दोनों पहलुओं पर बराबर ध्यान देना पड़ता है। आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में राज्य स्तर पर खेलने के दौरान से ही मैं ऐसा करता रहा हूं। अब तक यह मेरे लिए बहुत बड़ा मुद्दा नहीं रहा है।'

ऑलराउंडर बनने पर लगा है ध्यान

अय्यर विभिन्न प्रारूपों में अपने कौशल का नजारा पेश करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा लाल गेंद के अपने खेल पर कड़ी मेहनत की है और यह मेरा प्रयास रहा है कि मैं सिर्फ एक कौशल तक सीमित नहीं रहूं।' अय्यर ने कहा, 'अगर आपको भारत के लिए खेलना है तो आपको सभी प्रारूपों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और यही कारण है कि मैंने अपने खेल के दोनों विभागों पर काफी काम किया है।मैंने अपनी बल्लेबाजी पर जितना काम किया है, उतना ही काम अपनी गेंदबाजी कर भी किया है।'

आईपीएल 2021 में बनाए 370 रन

आईपीएल में अय्यर ने नाइट राइडर्स के लिए 370 रन बनाने के अलावा तीन विकेट भी चटकाए जिससे वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हुए। उन्हें हार्दिक पंड्या का विकल्प माना जा रहा है जो गेंदबाजी करने के लिए फिट नहीं हैं। रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के लिए छह अर्धशतक जड़ने के अलावा सात विकेट चटकाने वाले अय्यर ने कहा कि उन्हें यहां तक पहुंचाने में सिर्फ आईपीएल की ही भूमिका नहीं रही।
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उन्होंने कहा, 'मैं कहना चाहूंगा कि यह सिर्फ आईपीएल नहीं था जिसने मुझे विश्वास दिया कि मैं देश का प्रतिनिधित्व करूंगा। जब भी मैं अपने राज्य मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली खेलता था तो मुझे हमेशा पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन जारी रखूंगा तो एक दिन मैं भारत के लिए खेलूंगा। मुझे हमेशा से यह विश्वास था।'

घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के कारण था विश्वास

इंदौर के रहने वाले अय्यर की प्रतिभा को स्थानीय कोच दिनेश शर्मा ने पहचाना और उनके कौशल को निखारा। अय्यर ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें राज्य की अंडर-23 टीम की कमान भी सौंपी गई। अय्यर दिल्ली के होटल में थे जब मध्य प्रदेश की टीम के उनके साथी आवेश खान ने अपने और उनके राष्ट्रीय टीम में चयन की खबर उन्हें दी। अय्यर ने कहा, 'हमारा मैच था (केरल के खिलाफ) और आवेश मेरे कमरे में आया और बताया कि हम दोनों का चयन हो गया है। बेशक इससे बेहतर कोई अहसास नहीं हो सकता।'

MBA और CA हैं वेंकटेश

अय्यर ने कहा कि वह अपने सपने को साकार करने के लिए काम कर रहे थे और उन्होंने नहीं सोचा था कि यह इतनी जल्दी साकार हो जाएगा। वित्त में एमबीए डिग्री धारक अय्यर को बहुराष्ट्रीय कंपनी डेलोइट ने एक बार नौकरी की पेशकश की थी लेकिन अपने माता-पिता से हौसलाअफजाई के बाद उन्होंने क्रिकेट खेलना जारी रखा। उन्होंने इसके अलावा चार्टर्ड एकाउंटेंसी की फाउंडेशन और इंटर स्तर की परीक्षा भी पास की है।(भाषा)

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