Publish Date: Sun, 05 Mar 2017 (11:07 IST)
Updated Date: Sun, 05 Mar 2017 (11:19 IST)
वाराणसी। उत्तरप्रदेश का बनारस इस समय प्रदेश में ही नहीं, देश में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उत्तरप्रदेश में चुनावी माहौल चल रहा है जिसके चलते अंतिम चरण में मतदान बनारस में होना है।
ऐसे में इस समय बनारस की राजनीतिक सरगर्मियां और भी ज्यादा गरमाती जा रही हैं और काशी विश्वनाथ का मंदिर इस बात का गवाह बनता जा रहा है। भोले बाबा के दरबार में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहुंचकर माथा टेक जीत का आशीर्वाद ले चुके हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी सांसद पत्नी डिंपल यादव के साथ बाबा भोलेनाथ के दरबार में पहुंच बाबा से जीत का आशीर्वाद ले चुके हैं। देर रात कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी काशी विश्वनाथ पहुंच बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अब देखना यह है कि बाबा भोलेनाथ 11 मार्च को किसको अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं और किसकी मनोकामना सुन पूरी करते हैं?
पर जो भी हो, इस समय बाबा के दरबार में पहुंचने वाले एक नहीं कई ऐसे लोग हैं जिन्हें 11 मार्च का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि 11 मार्च को जहां एक तरफ सत्ता में पहुंचने वाली पार्टी का नाम सामने आ जाएगा तो वहीं बहुत से ऐसे लोग हैं जिनकी राजनीति दांव पर लगी है और अगर सब कुछ सही रहा तो उनकी राजनीति पर कोई भी सवाल नहीं खड़े करेगा लेकिन अगर जरा सी चूक हुई तो सवालों की झड़ी नेताजी को सोने नहीं देगी। इन सारी बातों से डरे बहुत से ऐसे नेता और मंत्री हैं, जो इस समय बाबा भोलेनाथ यानी काशी विश्वनाथ के दरबार में अपनी-अपनी प्रार्थना लिए सिर झुकाए खड़े हैं।
अगर सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े ऐसे मंत्री हैं, जो कई दिनों से बनारस में डेरा डाले हुए हैं और जब से वे दिल्ली से बनारस पहुंचे हैं, तब से कोई भी दिन ऐसा नहीं गया है, जब वे बाबा से अपनी मुराद पूरी करने की प्रार्थना करने के लिए न आए, ऐसा होना लाजमी है, क्योंकि सबसे अधिक प्रतिष्ठा अगर किसी की दांव पर लगी है तो वह है भारतीय जनता पार्टी की, क्योंकि यहीं से भारतीय जनता पार्टी के सांसद नरेन्द्र मोदी हैं और वे भारत के प्रधानमंत्री भी हैं।
अवनीश कुमार
Publish Date: Sun, 05 Mar 2017 (11:07 IST)
Updated Date: Sun, 05 Mar 2017 (11:19 IST)