Publish Date: Thu, 09 Feb 2017 (17:43 IST)
Updated Date: Thu, 09 Feb 2017 (18:14 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) ने बसपा मुखिया मायावती पर भाजपा से साठगांठ करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को कहा कि विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों का बंटवारा कराकर भगवा दल को फायदा पहुंचाने के लिए ही मायावती मुसलमानों को बरगला रही हैं।
सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बातचीत में कहा कि उनके पास पक्की जानकारी है कि मायावती ने भाजपा के साथ मिलकर बनाई रणनीति के तहत ही करीब 99 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं ताकि मुसलमानों का वोट सपा और बसपा में बंट जाए और ध्रुवीकरण की जुगत में लगी भाजपा इसका फायदा उठा ले।
उन्होंने कहा कि सपा सांप्रदायिक राजनीति नहीं कर रही है, जबकि बसपा भाजपा की मदद करना चाहती है। मायावती भाजपा से अंदरखाने मिली हुई हैं। वे मुसलमानों को बरगलाने और भ्रमित करने के लिए उनसे कह रही हैं कि वे सपा-कांग्रेस गठबंधन को वोट देकर उसे बरबाद न करें। हालांकि मुसलमानों समेत पूरे प्रदेश की जनता शांतिप्रिय है और सांप्रदायिकता के खिलाफ है, लिहाजा वे किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आएगी।
चौधरी ने कहा कि विरोधी लोग सपा सरकार पर मुसलमानों के लिए कुछ न करने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इसमें कोई सचाई नहीं है। सरकार ने अपनी तमाम योजनाओं में अल्पसंख्यकों को 20 प्रतिशत हिस्सेदारी दी है। जहां तक 18 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की बात है, तो यह केंद्र सरकार के हाथ में है जिसके लिए सपा उस पर दबाव बनाने की पूरी कोशिश कर रही है।
चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय उलमा काउंसिल और हिन्दू महासभा के बसपा को समर्थन देने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि सपा सरकार ने प्रदेश की जनता के भले के लिए इतना काम किया है कि चुनाव में कोई उसका मुकाबला नहीं कर पा रहा है। यही वजह है कि भाजपा और बसपा का चुनाव प्रचार विकास के मुद्दे से हटकर ध्रुवीकरण के हथकंडों की तरफ बढ़ चला है। (भाषा)