Publish Date: Wed, 03 Mar 2021 (17:54 IST)
Updated Date: Wed, 03 Mar 2021 (17:57 IST)
नई दिल्ली। 4 मार्च नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी ला सकता है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 4 मार्च को महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। खबरों के मुताबिक बैठक में कर्मचारियों के पीएफ को लेकर कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन के लिए फिलहाल बेसिक सैलरी की जो सीलिंग है, उसमें बढ़ोतरी की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो आपकी पेंशन फंड में जमा होने वाली राशि बढ़ सकती है, वहीं हाथ में आने वाली सैलरी कुछ कम हो सकती है। फिलहाल सीलिंग 15000 रुपए है।
सरल भाषा में समझें तो किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30000 रुपए है तो उस सैलरी पर उसका 12 प्रतिशत कॉन्ट्रीब्यूशन प्रोविडेंट फंड में जमा होता है। इतना ही अंश कंपनी के खाते से भी होता है। लेकिन कंपनी के अंश में दो हिस्से होते हैं। लेकिन, पेंशन फंड में बेसिक सैलरी की सीलिंग 15000 रुपए है।
इस सीलिंग के कारण बेसिक सैलरी (15000) का 8.33 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ 1250 रुपए ही जमा होता है। अगर सीलिंग बढ़ती है तो ये हिस्सा 25000 रुपए की सीमा पर तय होगा। मतलब 2083 रुपए पेंशन फंड में जमा हो सकेंगे। अगर यह फैसला होता है तो इसका सीधा लाभ 6.5 करोड़ ईपीएफओ सब्सक्राइब्स को मिलेगा।
घट सकती है ब्याज दर : कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर की घोषणा 4 मार्च को कर सकता है। बैठक में 2020-21 के लिए ब्याज दर की घोषणा करने के प्रस्ताव पर फैसला किए जाने की संभावना है।
अटकलें लगाई जा रही हैं कि ईपीएफओ इस वित्त वर्ष (2020-21) के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर घटा सकता है, जो 2019-20 के लिए 8.5 प्रतिशत थी। खबरों के अनुसार कोरोनाकाल में बड़ी संख्या में ईपीएफ सदस्यों ने अपने खाते से पैसा निकाला है। इसके चलते पीएफ अंशदान में भी कमी आई है। ऐसे में ईपीएफओ ब्याज दर में कटौती का फैसला ले सकता है।