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LPG संकट : रसोई गैस की किल्लत के बीच 'सोलर कूकर' कैसे बन सकता है संकटमोचक, खर्च भी आएगा शून्य

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Solar cooker benefits
अमेरिका इजराइल-ईरान युद्ध के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) की सप्लाई चेन में आई रुकावट और बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। हालांकि केंद्र सरकार ने एलपीजी की कमी से इंकार किया है। गैस सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें वाली तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर आ रही हैं। एलपीजी की किल्लत में सोलर कूकर एक बेहतर विकल्प बन सकता है। लोग अब एलपीजी पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए हाइब्रिड मॉडल अपना रहे हैं। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक एलपीजी एक सीमित संसाधन है। वर्तमान सप्लाई संकट हमें याद दिलाता है कि अक्षय ऊर्जा (Solar Energy) की ओर बढ़ना अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि  जरूरत बन गया है। 
 

लागत शून्य, खाना भी रहेगा हेल्दी

एक बार खरीदने के बाद खाना पकाने की लागत शून्य हो जाती है। एलपीजी खत्म होने या डिलीवरी में देरी होने पर यह एक बेहतरीन बैकअप के रूप में काम कर रहा है। एलपीजी की तेज आंच के मुकाबले, सोलर कूकर में धीमी आंच पर पका खाना अधिक स्वास्थ्यवर्धक होता है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में बदलता ट्रेंडकेवल गांवों में ही नहीं, बल्कि शहरों में भी लोग अपनी छतों और बालकनियों का उपयोग खाना पकाने के लिए कर रहे हैं। विशेषकर दाल, चावल और उबली हुई सब्जियों के लिए सोलर कूकर का प्रयोग कर सकते हैं। 
 

देश की भी होगी बचत

एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि यदि भारतीय परिवार अपने दैनिक भोजन का केवल 40% हिस्सा भी सोलर कूकर या सौर ऊर्जा पर शिफ्ट कर दें, तो देश की एलपीजी खपत में सालाना लाखों टन की कमी आ सकती है। इससे न केवल व्यक्तिगत बचत होगी, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार पर भी बोझ कम होगा।
 

पुडुचेरी का ऑरेविले बना मिसाल

आज जब देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट हिला कर रख दिया है, तब दक्षिण भारत के एक छोटे से कस्बे से समाधान की एक बड़ी किरण दिखाई दे रही है। पुडुचेरी के पास स्थित ऑरोविले (Auroville) ने दुनिया को दिखाया है कि बिना एक बूंद गैस जलाए भी हजारों लोगों का खाना कैसे तैयार किया जा सकता है।
 
कोरोमंडल तट पर उगता सूरज ऑरोविले के इस विशिष्ट समुदाय के लिए केवल दिन का उजाला ही नहीं लाता, बल्कि वह ईंधन भी लाता है जो हजारों निवासियों और आगंतुकों का पेट भरने के लिए आवश्यक है। इस प्रयोगात्मक टाउनशिप के केंद्र में स्थित 'सोलर किचन'  आज इंजीनियरिंग का एक ऐसा चमत्कार बन चुका है, जो जीवाश्म ईंधन पर हमारी निर्भरता को चुनौती दे रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

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