Publish Date: Tue, 14 Apr 2026 (20:57 IST)
Updated Date: Tue, 14 Apr 2026 (21:01 IST)
श्री रामनगरी अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। 13 अप्रैल से राम मंदिर परिसर में निर्मित सात प्रमुख उप-मंदिरों (सप्त मंडपम) में दर्शन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। अपने आराध्य के दर्शन के लिए भक्तों में इस कदर उत्साह है कि ऑनलाइन पास बुकिंग शुरू होते ही पहले दिन के 80 प्रतिशत से अधिक स्लॉट एडवांस में बुक हो गए।
एक दिन में 17,500 श्रद्धालु करेंगे दर्शन
राम मंदिर ट्रस्ट की वेबसाइट पर 13 अप्रैल से 27 अप्रैल तक के लिए पहले चरण के ऑनलाइन पास जारी किए जा रहे हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए दिन भर को कुल 7 स्लॉट में बांटा गया है। सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक (प्रत्येक स्लॉट 2 घंटे का)। हर स्लॉट में 500 पास जारी किए जा रहे हैं, यानी प्रतिदिन कुल 3,500 पास। एक पास पर अधिकतम पांच श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इस तरह प्रतिदिन करीब 17,500 भक्तों को सुगम दर्शन प्राप्त होंगे।
पहले दिन के सुबह और शाम के आखिरी स्लॉट लगभग 90% से 100% तक फुल हो चुके हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सुगम और विशिष्ट पासधारकों को भी इन मंदिरों में दर्शन की अनुमति मिलेगी।
इन सात ऋषियों और महापुरुषों के होंगे दर्शन : परिसर के 'सप्त मंडपम' में स्थापित किए गए उप-मंदिरों में श्रद्धालु अब महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, निषाद राज, माता अहिल्या, माता शबरी आदि के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा शेषावतार मंदिर और कुबेर टीला (जहां भगवान शिव विराजमान हैं) के दर्शन भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
सुरक्षा और यात्री सुविधाएं चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। एसपी सुरक्षा, बलरामाचारी दुबे ने बताया कि पूरक मंदिरों के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है ताकि भीड़ जमा न हो और लोग निरंतर आगे बढ़ते रहें। परकोटे के पास 'जोड़ा घर' तैयार है, जहां श्रद्धालु अपने जूते रख सकेंगे। यात्री सुविधा केंद्र के सामने नवनिर्मित लॉकर भवन को खोल दिया गया है ताकि भक्तों को सामान रखने में परेशानी न हो।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। ....
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