Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

अत्याधुनिक तकनीक और इको-फ्रेंडली निर्माण से सुसज्जित जेवर एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 बनेगा नया मानक

एलसी3 तकनीक से निर्माण, करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर का विशाल टर्मिनल, उच्च क्षमता, तेज सेवाएं और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं होंगी सुलभ

Advertiesment
Noeda airport
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है। यहां निर्मित टर्मिनल-1 न केवल आकार और क्षमता के लिहाज से बड़ा है, बल्कि तकनीकी नवाचार और यात्री सुविधाओं के मामले में भी नया मानक स्थापित करेगा।

लो-कार्बन एलसी3 तकनीक से पर्यावरण को बढ़ावा

एयरपोर्ट का निर्माण देश में पहली बार बड़े पैमाने पर एलसी3 (चूना-मिट्टी-सीमेंट मिश्रण) तकनीक से किया गया है। यह लो-कार्बन निर्माण सामग्री पारंपरिक सीमेंट की तुलना में पर्यावरण पर कम प्रभाव डालती है, जिससे यह परियोजना इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण बनती है।

विशाल टर्मिनल और आधुनिक यात्री सुविधाएं

करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैले टर्मिनल-1 में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप और 9 सिक्योरिटी चेक लेन स्थापित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को तेज और सहज अनुभव मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए फास्ट-ट्रैक सुविधा के साथ 9-9 इमिग्रेशन काउंटर उपलब्ध रहेंगे, जिससे समय की बचत और सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग व्यवस्था

घरेलू उड़ानों के लिए 10 एयरोब्रिज और 2 बस बोर्डिंग गेट की व्यवस्था की गई है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2 एयरोब्रिज और एक बस बोर्डिंग गेट उपलब्ध होंगे। यह विभाजन संचालन को व्यवस्थित और कुशल बनाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न हो।

उच्च क्षमता और तेज संचालन की तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रति घंटे लगभग 30 विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। इसके अलावा, एयरपोर्ट की वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन निर्धारित की गई है, जो इसे एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी।
webdunia

कनेक्टिविटी का रिकॉर्ड स्थापित करेगा एयरपोर्ट

देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने के बजाय, उत्तर भारत के लोग अब जेवर एयरपोर्ट का रुख करेंगे। 
 
एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा गया है, जहां समर्पित इंटरचेंज तैयार है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (बल्लभगढ़ लिंक) के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से भी सीधी और तेज पहुंच सुनिश्चित हो गई है। आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
 
गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा : ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। वहीं, औद्योगिक और एयर कार्गो यातायात के लिए बनाए जा रहे उत्तर और पूर्व एक्सेस रोड लगभग तैयार हैं। सेक्टर-28 में 60 मीटर चौड़ी सेवा सड़क को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर स्थानीय ट्रैफिक का दबाव भी कम करने की तैयारी है।
 
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान : रेल और रैपिड रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा काम हो रहा है। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना का डीपीआर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। साथ ही, चोला-रुंधी रेल लाइन से कनेक्टिविटी के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। भविष्य की दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान इस एयरपोर्ट को और खास बनाएगा।
 
यूपी सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होंगी : सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटी) के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश (यीडा) मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे, जो एयरपोर्ट तक पर्यावरण अनुकूल अंतिम माइल कनेक्टिविटी देंगी।
 
ब्रांडेड कैब सेवा भी शुरू होगी : यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक कैब सेवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। महिंद्रा लॉजिस्टिक्स द्वारा संचालित एनआईए ब्रांडेड कैब सेवा शुरू होगी, जिसमें सुरक्षा, समयबद्धता और डिजिटल भुगतान की सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा उबर, रैपिडो, ओला और मेक माईट्रिप जैसी कंपनियां ऑन-डिमांड कैब सेवा देंगी।
 
ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा : कार रेंटल सेवाओं के तहत यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे यात्रा और अधिक सुविधाजनक होगी। इन सभी योजनाओं के साथ जेवर एयरपोर्ट केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां हर प्रकार की कनेक्टिविटी एकीकृत रूप में उपलब्ध होगी।
 

दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव घटेगा

सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए जेवर एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे अब इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए सिर्फ दिल्ली पर निर्भरता नहीं रह जाएगी। उत्तर भारत और आसपास के राज्यों के लोग अब जेवर एयरपोर्ट से भी इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव भी घटेगा, क्योंकि इससे पहले इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था। अब यह सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलने के बाद कई राज्यों के लोगों की सहूलियत बढ़ जाएगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

जेवर एयरपोर्ट, हवेली शैली की झलक, गंगा घाट थीम पर बना मल्टीलेवल टर्मिनल