Publish Date: Fri, 02 Oct 2020 (13:23 IST)
Updated Date: Fri, 02 Oct 2020 (13:30 IST)
गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले आज सैकड़ों किसानों ने यूपी गेट (दिल्ली गाजियाबाद बॉडर) पर किसान क्रांति दिवस मनाते हुए हवन पूजा की। सरकार की किसान विरोधी नीतियों और आवाज दबाने-कुचलने के प्रयास में किसान हर वर्ष बड़ी तादाद में एकत्रित सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं। पुलिस किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए यूपी बॉडर को छावनी में तब्दील कर देती है।
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर 2018 में किसान अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान हरिद्वार से दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने किसानों को यूपी गेट (दिल्ली गाज़ियाबाद बॉडर ) पर रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उत्तर प्रदेश से एकत्रित किसान ने आगे बढ़ने का मन बना लिया था, किसानों ने वापस लौटने से इंकार कर दिया।
इसके चलते गाजीपुर दिल्ली यूपी बॉडर हजारों की संख्या में किसान इकट्ठा हो गए थे, किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंदोलनकारी किसानों पर आंसूगैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया गया। जिसमें कई दर्जन किसान चोटिल हुए थे, तभी से भारतीय किसान यूनियन ने तय कर लिया कि प्रतिवर्ष वह इस तारीख को क्रांति दिवस के रूप में बना कर अपना विरोध दर्ज करेंगे।
इसी कड़ी में आज सैकड़ों की संख्या में किसान यूपी गेट पहुंचे और किसान विरोधी नीतियों के चलते केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। इन किसानों ने कहा कि सरकार की मति मारी गई है, सरकार को सदगति और सदबुद्धि मिले इसके लिए किसानों ने हवन और यज्ञ भी किया गया।
यज्ञ में आहुति देने आए किसानो ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों के चलते उनका का दमन हो रहा है। किसान सड़क पर है और सरकार सोई हुई है, उसके कानों में जूं नही रेंग रही है। हालांकि आज विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने दिल्ली में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते उन्हें समझा-बुझाकर वापस कर दिया। फिलहाल किसान यूपी गेट के नीचे ही धरने पर बैठे गए हैं और लगातार सरकार की कृषि विरोधी नीतियों के के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।