Publish Date: Sun, 12 Apr 2026 (20:09 IST)
Updated Date: Sun, 12 Apr 2026 (20:10 IST)
योगी सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत प्रदेश के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही डेवलपर्स के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी।
स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बनने वाले इन बस स्टेशनों में स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना विकसित की जा सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं आएगा। निजी निवेश के माध्यम से बस स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा।
आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। Edited by : Sudhir Sharma
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
Publish Date: Sun, 12 Apr 2026 (20:09 IST)
Updated Date: Sun, 12 Apr 2026 (20:10 IST)