'एक जनपद एक व्यंजन’ से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ेगा यूपी का पारंपरिक स्वाद
एफएसएसएएआई, सीएफटीआरआई और एनआईएफटीईएम के सहयोग से तैयार होंगे स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल
Publish Date: Tue, 19 May 2026 (14:39 IST)
Updated Date: Tue, 19 May 2026 (14:43 IST)
ODOC UP: योगी सरकार अब प्रदेश की समृद्ध पाक परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। 'एक जनपद एक व्यंजन' (ओडीओसी) योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिले के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का चिन्हांकन कर उन्हें संगठित, सुरक्षित, ब्रांडेड और बाजारोन्मुख बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल स्वाद और परंपरा को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, रोजगार और निर्यात को भी बढ़ावा देना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में योगी कैबिनेट ने योजना को स्वीकृति दी है।
तैयार किए जाएंगे 'स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल'
योजना के तहत जिलाधिकारियों, संबंधित विभागों, प्रतिष्ठित संस्थानों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और जिला उद्योग केंद्रों से प्राप्त सुझावों के आधार पर जनपदवार व्यंजनों की पहचान की गई है। सरकार इन व्यंजनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI) और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से जनपदवार और व्यंजनवार 'स्टैंडर्ड रेसिपी मैन्युअल' तैयार किए जाएंगे। इससे व्यंजनों का स्वाद और गुणवत्ता एक समान बनी रहेगी तथा उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। साथ ही इन व्यंजनों के नए वैरिएंट विकसित करने पर भी विशेष बल दिया जाएगा।
स्मार्ट पैकेजिंग, इको-फ्रेंडली पैक, क्यूआर कोड, बारकोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग जैसी सुविधाएं
योगी सरकार व्यंजनों को एक्सपोर्ट रेडी बनाने के लिए आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी फोकस कर रही है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से स्मार्ट पैकेजिंग, इको-फ्रेंडली पैक, क्यूआर कोड, बारकोड और न्यूट्रीशन लेबलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और पोषण संबंधी पूरी जानकारी मिल सकेगी तथा प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन बड़े बाजारों तक पहुंच पाएंगे। योजना के तहत स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पैकेजिंग, डिजाइनिंग, गुणवत्ता सुधार और फूड प्रोसेसिंग के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इससे ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा पारंपरिक व्यंजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देंगे।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड निर्माण
योगी सरकार 'एक जनपद एक व्यंजन' की अवधारणा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड निर्माण भी करेगी। प्रदेश के प्रमुख आयोजनों में 'स्वाद यूपी का' थीम के अंतर्गत व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही लघु फिल्मों, डिजिटल प्रचार और ब्रांडिंग अभियानों के माध्यम से लोगों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद से जोड़ने की रणनीति तैयार की जा रही है।
योगी सरकार की यह पहल केवल खानपान तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन, रोजगार और निर्यात से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि “एक जनपद एक व्यंजन” योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
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