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दावोस में उत्तर प्रदेश ने किए 9750 करोड़ रुपए के करार, स्वच्छ ऊर्जा, एआई और रक्षा क्षेत्र को मिली नई रफ्तार

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वेबदुनिया न्यूज डेस्क

दावोस , मंगलवार, 20 जनवरी 2026 (18:03 IST)
Uttar Pradesh news : उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल, माननीय वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में, विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 में दावोस पहुंचकर वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और बड़े निवेश आकर्षित करने के लक्ष्य के साथ सक्रिय रूप से आगे बढ़ा। राज्य की निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा एजेंसी इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में प्रतिनिधिमंडल ने कई रणनीतिक बैठकों में भाग लिया और महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए। ये प्रयास उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे भविष्य के लिए तैयार (Future-ready) और निवेशकों के लिए अनुकूल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।

दावोस में 9,750 करोड़ रुपए के MoU के साथ उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की मजबूत संभावनाएं दिखाई हैं। प्रमुख MoU में सेल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (SAEL Industries Ltd) के साथ 8,000 करोड़ रुपए के वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट, सिफी टेक्नोलॉजीज़ (Sify Technologies) के साथ 1,600 करोड़ रुपए के AI-रेडी डेटा सेंटर और नोएडा में AI सिटी विकसित करने का समझौता, तथा योमन (Yeoman) के साथ 150 करोड़ रुपए के रक्षा विनिर्माण और वेपन सिस्टम इंटीग्रेशन के लिए साझेदारी शामिल है।
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ये सहयोग राज्य के सतत विकास, तकनीक-सक्षम प्रशासन, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। दिन की शुरुआत लुई ड्रेफस कंपनी (Louis Dreyfus Company) के साथ बैठक से हुई, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उबर टेक्नोलॉजीज़ (Uber Technologies), ऑटोमेशन एनीवेयर (Automation Anywhere), कॉल्ड्रन (Cauldron), पेप्सीको (PepsiCo), एचसीएल सॉफ्टवेयर (HCL Software), वेल्थ डोर (Wealth Door), अनुपम रसायन इंडिया लिमिटेड (Anupam Rasayan India Ltd), गूगल क्लाउड (Google Cloud), ग्रीनको (Greenko) और डेलॉयट साउथ एशिया (Deloitte South Asia) सहित कई प्रमुख वैश्विक और भारतीय कंपनियों के साथ B2G बैठकें कीं।
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प्रतिनिधिमंडल ने कार्बन कंपास (Carbon Compass) के संस्थापक एवं CEO श्री नीरज अग्रवाल (आईआईटी कानपुर और एमआईटी के पूर्व छात्र तथा पूर्व नासा वैज्ञानिक) से भी संवाद किया और क्लाइमेट इनोवेशन तथा सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी भविष्य-केंद्रित संभावनाओं पर चर्चा की।
 
उबर (Uber) के साथ हुई प्रमुख चर्चा में निवेश विस्तार, मोबिलिटी पार्टनरशिप और नोएडा में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावनाओं पर फोकस रहा। उत्तर प्रदेश में 13+ स्थानों पर 1.5 लाख वाहनों के संचालन का उल्लेख करते हुए उबर ने पर्यटन, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और नवाचार आधारित मोबिलिटी समाधानों में अवसरों को रेखांकित किया, जिन्हें राज्य की प्रगतिशील नीतिगत रूपरेखा का समर्थन प्राप्त है।
 
इन बैठकों और साझेदारियों के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन और वैश्विक व्यापार जैसे क्षेत्रों में ठोस अवसर सामने आए हैं, जो उत्तर प्रदेश के समावेशी और टिकाऊ विकास के विजन के अनुरूप हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की मजबूत नीतिगत व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारियों और नवाचार आधारित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
कुल मिलाकर, दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश की भागीदारी वैश्विक निवेश आकर्षित करने और परिवर्तनकारी साझेदारियां विकसित करने की राज्य सरकार की सक्रिय रणनीति को दर्शाती है। यह पहल आने वाले समय में नए सहयोगों का मार्ग प्रशस्त करेगी और राज्य की आर्थिक प्रगति तथा वैश्विक एकीकरण को और तेज गति देगी।
Edited By : Chetan Gour

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