Publish Date: Wed, 11 Jan 2017 (17:01 IST)
Updated Date: Wed, 11 Jan 2017 (17:04 IST)
देहरादून। उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सेवाएं लिए जाने पर टिप्पणी करते हुए प्रदेश भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस को अपनी हालत खस्ता होने का अहसास हो गया है और इसीलिए वे अपने स्थानीय नेताओं पर भरोसा भी नहीं कर रही है।
यहां जारी एक बयान में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ देवेन्द्र भसीन ने कहा कि कांग्रेस हाई कमान द्वारा उत्तराखंड में पेशेवर रणनीतिकार भेजने से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं को राज्य में कांग्रेस की खस्ता हालत होने का पता लग गया है और वे उत्तराखंड के नेताओं पर भरोसा भी नहीं कर रहे हैं। अब वे सोच रहे हैं कि शायद पेशेवर रणनीतिकार ही प्रदेश में कुछ कर पाए। हालांकि, उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस की काठ की हांड़ी एक बार चूल्हे पर चढ़ चुकी है, इसलिए उसके दोबारा चूल्हे पर चढ़ने की कोई भी गुंजाइश नहीं है।
मुख्यमंत्री द्वारा आम बजट से पहले केंद्र सरकार को अपनी मांगें भेजे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भसीन ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही वक्त बचने के मद्देनजर अब उन्हें जनता को केंद्र से की जा रही मांगों का विवरण नहीं, बल्कि अपनी सरकार द्वारा राज्य के विकास के लिए किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने उत्तराखंड को एक के बाद एक बड़ी विकास योजनाएं दी हैं, लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार केंद्र की मदद का सही उपयोग ही नहीं करना चाहती। भसीन ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में केवल घोटाले, भ्रष्टाचार, लूट और कमीशनखोरी के कारनामे ही हुए और ऐसे में कांग्रेस के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ भी नहीं है। (भाषा)