Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Fact Check: फिटकरी के पानी से ठीक हो सकते हैं Corona मरीज? जानिए सीधे एक्सपर्ट्स से

webdunia
गुरुवार, 29 अप्रैल 2021 (13:57 IST)
कोरोना से बचाव के लिए अलग-अलग नुस्खे अपनाएं जा रहे हैं। ताकि इसकी चपेट में आए लोग भी ठीक हो जाएं और असंक्रमित लोग इसकी चपेट में नहीं आएं। इस बीमारी से बचाव के लिए वैज्ञानिकों द्वारा लगातार शोध किए जा रहे हैं। रिसर्च और स्टडीज की जा रही हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के जरिए जनता सेल्फ मेडिकेशन भी अधिक करने लगी है। ऐसे ही अलग-अलग पोस्टों में फिटकरी का पानी पीने से कोरोना ठीक होने का दावा किया जा रहा है। तो क्या फिटकरी के सेवन से कोरोना नहीं होगा? क्या इससे कोरोना ठीक हो जाएगा? आइए जानते हैं सीधे एक्सपर्ट्स से-

फिटकरी के पानी का सेवन कितना सही है? क्या इसके सेवन से कोरोना से ठीक हो सकते हैं, ‘वेबदुनिया’ ने इस बारे में आयुष मंत्रालय में सलाहकार डॉ. एके द्विवेदी और इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वैभव चतुर्वेदी से चर्चा की।

डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि, ‘फिटकरी का पानी, गरम पानी या नमक के पानी के गरारे, गले और टॉन्सिल्स के लिए प्रभावी होता है। अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट और लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट, ये दो पार्ट्स है। ऐसे में जब तक आपको गले के ऊपरी हिस्से में परेशानी है तब तक आपके लिए यह फायदेमंद है। लेकिन फेफड़ों में पहुंचने के बाद गले तक के गरारे करने का कोई फायदा नहीं है। इंफेक्शन के गले से फेफड़ों में आने के बाद आपको मेडिकल हेल्प की जरूरत रहेगी।’

डॉ. वैभव चतुर्वेदी ने बताया कि, ‘सोशल मीडिया पर बहुत कुछ वायरल हो रहा है। लेकिन हमें सिर्फ उस पर ध्यान देना चाहिए जिन पर रिसर्च किया गया हो। सरकार का आदेश भी है कि इस तरह के पोस्ट वायरल नहीं करें। ऐसे वायरल कंटेंट पर स्टडीज जरूरी है। कम से कम 300 लोगों पर 6 महीने तक स्टडी होना जरूरी है। साइंटिफिक प्रोटोकॉल और एथिकल कमेटी का परमिशन होना भी जरूरी है। तभी रिजल्ट्स आने पर चर्चा कर सकते हैं।’

वहीं अन्य विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि सांइटिफिक तौर पर फिटकरी पर किसी तरह की स्टडीज नहीं की गई है। यह पानी को जरूर प्यूरीफाई करता है, लेकिन इसका पानी पीने से कोरोना ठीक हो जाएगा। यह सही नहीं है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

बड़ी खबर! इंदौर में 10 मई तक कोरोना कर्फ्यू, ग्रामीण इलाकों में सख्ती