Publish Date: Thu, 10 Dec 2020 (12:26 IST)
Updated Date: Thu, 10 Dec 2020 (12:27 IST)
पिछले दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि नए साल से यूपीआई ट्रांजैक्शन महंगे हो जाएंगे और थर्ड पार्टी एप्स से पेमेंट करने पर अतिरिक्त चार्ज लगेंगे। हालांकि, भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने वायरल हो रही खबर को गलत बताया है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर बताया कि नए साल से यूपीआई नए साल से यूपीआई ट्रांजैक्शन महंगे होने और थर्ड पार्टी ऐप के जरिए पेमेंट करने पर अतिरिक्त चार्ज लगाने की खबर गलत है। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लिया है।
NPCI ने भी ट्वीट कर जानकारी दी है कि 1 जनवरी 2021 से UPI लेनदेन के बारे में छपी खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं। बता दें कि मीडिया में खबरें आई थीं कि NPCI ने 1 जनवरी 2021 से UPI के जरिए होने वाले भुगतान के लिए अतिरिक्त चार्ज लगाने का निर्णय लिया है। यह खबर भी आई थी कि NPCI ने नए साल पर थर्ड पार्टी ऐप के ऊपर 30 फीसदी का कैप लगाने का ऐलान किया है। ऐसा कहा गया था कि इस फैसले के पीछे थर्ड पार्टी ऐप के वर्चस्व और उसे मिलने वाले विशेष फायदे से रोकना मुख्य वजह है।