rashifal-2026

84 महादेव : श्री हनुमंत्केश्वर महादेव(79)

Webdunia
भगवान राम ने धरती से रावण व अन्य राक्षसों का वध कर दिया और वे अयोध्या में राज्य करने लगे। तब कुछ ऋषि-मुनि उनके दर्शन के लिए उनके राज्य में उपस्थित हुए। मुनियों ने भगवान राम के सामने प्रस्तुत होकर उनकी आराधना की। उनका गुणगान किया। मुनियों ने कहा कि आपने रावण के कुल का नाश किया, इसमें आपका हुनमान ने सहयोग किया। वानरों ने उस युद्ध को साक्षात देखा। तब भगवान राम ने कहा कि मुनियों आपने हनुमान के पराक्रम का वर्णन किया परंतु लक्ष्मण ने भी युद्ध किया तथा मेघनाथ का वध किया। इस पर मुनियों ने कहा कि हनुमान का पराक्रम सभी के पराक्रम से विशाल है।

राम ने कारण पूछा तो मुनियों ने कहा कि हनुमान जब बाल रूप में थे तब एक बार में सूर्य को फल समझकर खाने के लिए निकल गए थे। इंद्र ने अपने वज्र से उन पर प्रहार किया, जिससे उनके होंठ पर चोट आई और वे एक पर्वत पर गिर पड़े। वायु देव उन्हें लेकर महाकाल वन आए और यहां शिवलिंग के सामने भगवान शंकर की आराधना करने लगे। शिवलिंग के स्पर्श करने से हनुमान जीवित हो उठे। इस दौरान यहां सभी देवता आए और हनुमान को वरदान दिया। ऋषियों के श्राप के कारण हनुमान अपना बल भूल गए थे। समुद्र लांघने के समय जामवंत ने हनुमान को उनका बल याद दिलाया था। हनुमान के शिवलिंग के स्पर्श व रावण वध के बाद पूजन के कारण शिवलिंग हनुमंत्केश्वर महादेव के नाम से विख्यात हुए।

मान्यता है कि जो भी मनुष्य इस शिवलिंग का पूजन करता है उसकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इन का मंदिर ओखलेश्वर जाने वाले मार्ग पर स्थित है। 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, पिछले वर्ष के मुकाबले 11 दिन पहले होंगे दर्शन

24 January Birthday: आपको 24 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 24 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Holi: बरसाना में गड़ा होली का डांडा, ब्रज में शुरू हुआ 40 दिनों का रंग और प्रेम उत्सव

श्रवण नक्षत्र में बुधादित्य योग, किन 5 राशियों के लिए है फायदेमंद