Dharma Sangrah

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Next PM after Modi:नरेंद्र मोदी के बाद पीएम कुर्सी की जंग अब सिर्फ 2 लोगों के बीच

Advertiesment
हमें फॉलो करें प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी, PM narendra modi

WD Feature Desk

, मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026 (15:03 IST)
Modi after next pm: राजनीति में यह सवाल हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। वर्तमान में (फरवरी 2026), नरेंद्र मोदी ही भारत के प्रधानमंत्री हैं और उनकी सरकार का तीसरा कार्यकाल चल रहा है। उनके बाद कौन प्रधानमंत्री बनेगा, यह पूरी तरह से भविष्य के चुनाव परिणामों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करता है। विभिन्न सर्वे (जैसे 'मूड ऑफ द नेशन' 2026), ज्योतिष और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कुछ प्रमुख नाम अक्सर चर्चा में रहते हैं।
 

1. भाजपा (BJP) से संभावित दावेदार:

अमित शाह: इन्हें पीएम मोदी का सबसे विश्वसनीय उत्तराधिकारी माना जाता है। सर्वे के अनुसार, भाजपा समर्थकों के बीच वे अक्सर पहली पसंद के रूप में उभरते हैं। वे एक मास लीडर होने के साथ अनुभवी भी हैं। उनके पास राज्य, संगठन और केंद्र में कार्य करने का ज्यादा अ‍नुभव है।
 
योगी आदित्यनाथ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अपनी कट्टर छवि और प्रशासनिक शैली के कारण काफी लोकप्रिय हैं। कई लोग उन्हें भाजपा की हिंदुत्व वाली राजनीति का स्वाभाविक उत्तराधिकारी मानते हैं। वे एक मास लीडर भी है।
 
नितिन गडकरी: अपनी विकासपरक छवि और ढांचागत परियोजनाओं (सड़कों आदि) में सफलता के कारण वे विपक्ष और पक्ष दोनों में सम्मानित माने जाते हैं, लेकिन वे मास लीडर नहीं है।
 

2. विपक्ष (INDIA Bloc) से संभावित दावेदार:

राहुल गांधी: पिछले कुछ वर्षों में उनकी छवि में काफी सुधार हुआ है और 2026 के सर्वे बताते हैं कि वे विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे प्रमुख चेहरा बने हुए हैं।
 
अन्य क्षेत्रीय नेता: राजनीतिक समीकरणों के आधार पर ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल या एम.के. स्टालिन जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में आते हैं, हालांकि यह गठबंधन की जीत और आंतरिक सहमति पर निर्भर करता है।
 

वर्तमान स्थिति (2026) और निष्कर्ष:

1. हालिया सर्वे (जनवरी 2026) के अनुसार, यदि अभी चुनाव होते हैं तो 55% लोग अब भी नरेंद्र मोदी को ही अपनी पहली पसंद मानते हैं, जबकि राहुल गांधी 27% के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
 
2. संवैधानिक रूप से भारत का अगला प्रधानमंत्री 2029 के आम चुनाव तय करेंगे। भाजपा में उत्तराधिकार की लड़ाई मुख्य रूप से अमित शाह बनाम योगी आदित्यनाथ के इर्द-गिर्द देखी जा रही है, जबकि विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होने की कोशिश कर रहा है।
 

अमित शाह: प्रबल दावेदार (99% संभावना)

1. ग्रह स्थिति: इनकी कुंडली में गुरु की महादशा 2040 तक है। अक्टूबर 2026 से 2032 तक मंगल की महादशा इनके सितारों को बुलंदी पर ले जाएगी।
 
2. चुनौती: मेष राशि होने के कारण उन पर शनि की साढ़ेसाती का प्रथम चरण शुरू हो गया है, जो या तो उन्हें सर्वोच्च शिखर (PM पद) पर ले जाएगा या पद का नुकसान करा सकता है। अमित शाह को संघ और पार्टी के भीतर से चुनौती मिल सकती है क्योंकि अधिकतर लोग योगी को पीएम पद पर देखना चाहते हैं।
 
3. निष्कर्ष: ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार वे PM पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं। केवल स्वास्थ्य या कोई बड़ा राजनीतिक उलटफेर ही उन्हें रोक सकता है। दूसरा यह कि भाजपा और संघ का एक तबका उन्हें नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी मान चुका है और यह भी मानता है कि शाह को केंद्र का लंबा अनुभव है जबकि योगी जी को नहीं।
 

योगी आदित्यनाथ: केंद्र में बढ़ेगा कद

1. ग्रह स्थिति: इनकी कुंडली में शनि-शुक्र का परिवर्तन योग और शुक्र की महादशा चल रही है। सितंबर 2026 से नवंबर 2029 के बीच केंद्र की राजनीति में आने के प्रबल योग हैं।
 
2. चुनौती: कुंभ राशि होने के कारण इन पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है, जो जून 2027 में समाप्त होगा। यूजीसी, एसआईआर और शंकराचार्य के प्रकरण ने योगी आदित्यनाथ के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। 
 
3. निष्कर्ष: लाल किताब के अनुसार 2030 तक गुरु और सूर्य की महादशाएं 'प्रबल राजयोग' बना रही हैं। वे केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, हालांकि PM पद को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसकी के साथ यदि व्यावहारिक रूप से देखें तो उत्तर प्रदेश के हालात बदल गए हैं और योगी का अब मुख्यमंत्री बने रहना भी भाजपा को संकट में डाल सकता है क्योंकि जातिगत समीकरण साधने के लिए भाजपा योगी को केंद्र में लाकर अन्य किसी को यूपी की बागडोर दे सकती है। पंकज चौधरी को यूपी भाजपा अध्यक्ष बनाया जाना भी इसी क्रम में शामिल है। पंकज चौधरी का झुकाव मुख्य रूप से भाजपा संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के साथ रहा है। ज्योतिष  निष्कर्ष कहता है कि योगी जी को यदि रोकने का प्रयास किया गया तो संघ और भाजपा खंड खंड हो जाएगी।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कब रहेगा, भारत में सूतककाल का समय क्या है?