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ऐश्वर्य का प्रतीक है इंद्र का हाथी ऐरावत, पढ़ें उपयोगी जानकारी

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ऐरावत इस नाम को सुनकर ही ऐश्वर्य और सौभाग्य का अनुभव होता है। ऐरावत वास्तव में इंद्र के हाथी का नाम है। देव तथा दानवों के बीच हुए समुद्र-मंथन से जो 14 रत्न प्राप्त हुए उनमें से एक ऐरावत भी था। पुराणों में ऐरावत का वर्णन मिलता है कि वह चमकता हुआ श्वेत वर्ण का है। उसके 4 दांत हैं। रत्नों के बंटवारे के समय इंद्र ने अत्यंत सुंदर और ऐश्वर्ययुक्त दिव्यगुणों वाले ऐरावत हाथी को अपने लिए रख लिया था।  इसीलिए इसे इंद्रहस्ति अथवा इंद्रकुंजर भी कहा जाता है। ऐरावत के और भी नाम हैं :  अभ्रमातंग, ऐरावण, अभ्रभूवल्लभ, श्वेतहस्ति, मल्लनाग, हस्तिमल्ल, सदादान, सुदामा, श्वेतकुंजर, गजाग्रणी तथा नागमल्ल।

ऐरावत नाम ही क्यों : 'इरा' का अर्थ जल है, अत: इरावत (समुद्र) से उत्पन्न हाथी को ऐरावत नाम दिया गया हऐ। प्राचीन पुराणों में ऐरावत नाग को भी कहा गया है।  धृतराष्ट्र नामक एक नाग का पैतृक नाम भी ऐरावत था। महाभारत, भीष्मपर्व के अष्ट्म अध्याय में भारतवर्ष से उत्तर के भू-भाग को उत्तर कुरु के बदले 'ऐरावत' कहा गया है। जैन साहित्य में भी यही नाम आया है।
   

सपने में ऐरावत : ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार सपने में हाथी को देखना शुभ व हितकारी माना जाता है। सपने में हाथी दिखाई देना ऐश्वर्य तथा सौभाग्य बढ़ाने के साथ ही सुख-समृद्धि का सूचक है। अगर स्वप्न देखने वाला हाथी पर सवारी करता दिखाई दे तो यह घर में सुख-शांति, वैभव-वृद्धि, परिवार वृद्धि का प्रतीक है। लेकिन खड़ा हाथी देखने से किसी कार्य में बाधा आ सकती है। सपने में हाथी-हथिनी का जोड़ा दिखाई दे तो दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं। सपने में मस्त झूमता हुआ हाथी देखें तो धनवृद्धि अवश्यंभावी है। ऐरावत हाथी दिखाई दे तो यश में वृद्धि, कोई चमकदार उपलब्धि या राज्य से सम्मान प्राप्ति के शुभ संयोग बनते हैं। गर्भवती स्त्री यदि हाथी को सपने में देखें तो भाग्यशाली संतान आगमन के योग बनते हैं।

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