Publish Date: Sat, 24 May 2025 (16:15 IST)
Updated Date: Sat, 24 May 2025 (16:16 IST)
उपाय 1. सूर्य देव को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें: नौतपा के नौ दिनों तक प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इस दौरान 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' या 'ॐ आदित्याय नमः' मंत्र का जाप करें। साथ ही, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना विशेष लाभकारी माना जाता है।
लाभ: यह उपाय सूर्य देव को प्रसन्न करता है, जिससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। यह शारीरिक ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्रदान करता है। गर्मी से होने वाली परेशानियां कम होती हैं और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
उपाय 2. शीतल वस्तुओं का दान करें: नौतपा के दौरान शीतल और जल से संबंधित वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। आप पानी का घड़ा (मटका), सत्तू, पंखा, छाता, सूती वस्त्र, तरबूज, खरबूजा, आम, नारियल पानी, दही, शरबत, या नींबू पानी जैसी चीजें गरीबों और जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं।
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लाभ: यह उपाय न केवल सामाजिक सेवा का भाव बढ़ाता है, बल्कि पितृ दोष को शांत करने और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को मजबूत करने में भी मदद करता है। ऐसा करने से ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह दान गर्मी से राहत दिलाने में भी सहायक होता है।
उपाय 3. पशु-पक्षियों के लिए जल और दाने की व्यवस्था करें: अपने घर की छत पर या बालकनी में पशु-पक्षियों के लिए पानी का बर्तन और दाना रखें। यह रोजाना करें, खासकर नौतपा के दौरान।
उपाय 4. शरीर को ठंडा रखने के लिए पारंपरिक उपाय और आहार: नौतपा के दिनों के दौरान अत्यधिक धूप में निकलने से बचें, खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक। हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती वस्त्र पहनें। दही, छाछ, लस्सी, नींबू पानी, बेल का शरबत, सत्तू, और रसीले फलों तरबूज, खरबूजा, खीरा का खूब सेवन करें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें। हाथों और पैरों में मेहंदी लगाना भी शुभ और ठंडा माना जाता है।
लाभ: यह उपाय सीधे तौर पर आपको भीषण गर्मी और लू से बचाता है, जिससे आप स्वस्थ रहते हैं और शरीर की ऊर्जा बनी रहती है।
उपाय 5. क्रोध और नकारात्मकता से बचें और सात्विक आहार लें: नौतपा की गर्मी का असर मन पर भी पड़ सकता है, इसलिए क्रोध और तनाव से बचें। शांति और धैर्य बनाए रखें। इस दौरान तामसिक भोजन यानी मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज से बचें और सात्विक, हल्का और सुपाच्य भोजन ग्रहण करें।
लाभ: यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखता है और शरीर को अंदर से ठंडा रखता है। सात्विक भोजन और शांत मन सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, जिससे परेशानियां दूर होती हैं और मन को शांति मिलती है।
उपरोक्त इन 5 खास उपायों को अपनाकर आप नौतपा की भीषण गर्मी से अपना बचाव कर सकते हैं और जीवन में आने वाली हर परेशानी से राहत पा सकते हैं।
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