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वर्ष 2025 में क्या होगा देश और दुनिया का भविष्य?

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WD Feature Desk

, शुक्रवार, 26 अप्रैल 2024 (12:16 IST)
Shani ka gochar 2025: वर्ष 2023 में 30 अक्टूबर 2023 को छायाग्रह राहु का मीन राशि प्रवेश हुआ था जो अब यह 2025 तक इसी राशि में रहने वाले हैं। वर्ष 2025 में राहु मीन से निकलकर कुंभ में गोचर करेगा। 29 मार्च 2025 को शनि अपनी स्वयं की राशि कुंभ से निकलकर मीन राशि में गोचर करेगा तब फिर से एक बाद दुनिया का परिदृष्य बदल जाएगा।
शनि के गोचर से कैसे बदला दुनिया का भविष्य?
  • शनि ग्रह जब मकर में आए तो देश और दुनिया में तनाव के साथ ही महामारी का प्रकोप बढ़ा था।
  • शनि ग्रह जब कुंभ में आए तो देश और दुनिया में दो देशों के बीच युद्ध के साथ ही भूकंप, प्राकृतिक आपदा और जलवायु परिवर्तन देखने को मिला था।
  • शनि ने जब 24 जनवरी 2020 में मकर राशि में प्रवेश किया था, तब दुनिया में करोना महामारी का प्रकोप फैल गया था। फिर शनि ने जब 29 अप्रैल 2022 को कुंभ में प्रवेश किया तब महामारी का दौर खत्म हुआ और दुनियाभर में युद्ध, अराजकता, महंगाई, प्रदर्शन और सत्ता परिवर्तन का नया दौर प्रारंभ हुआ।
  • 28-29 अप्रैल 2022 के दरमियान शनि ग्रह अपनी खुद की राशि मकर से निकलकर खुद ही की राशि कुंभ राशि में प्रवेश किया था।
  • 29 अप्रैल 2022 को शनि ने मकर से निकलकर कुंभ राशि में जब प्रवेश किया तो उसी के आसपास यूक्रेन और रशिया का वार शुरु हो गया।
  • इसके कुंभ गोचर के काल में ही भूकंप और बड़े तूफान के साथ ही अब इजरायल और हमास का युद्ध भी शुरु हो चला है।
  • शनि जब अपना मार्ग बदला तब इजराइल और हमास का युद्ध शुरु हो गया था।
  • युद्ध के लिए शनि और मंगल के साथ ही राहु के गोचर को जिम्मेदार माना जाता है।
  • इनकी युति या आपसी दृष्टि, वक्री चाल आदि से धरती पर नकारात्मक असर देखने को मिलता है।
  • अब आशंक जताई जा रही है कि शनि ग्रह जब मीन राशि में प्रवेश करेगा तब दुनिया में विश्‍व युद्ध की शुरुआत होगी।
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वर्ष 2025 में शनि का मीन राशि में गोचर जब होगा:-
कहते हैं कि 29 मार्च 2025 में शनि मीन राशि में परिवर्तन करेंगे तब तक दुनिया में बहुत बड़े बदलाव हो चुके होंगे और फिर होगा भयंकर युद्ध। शनि ग्रह मीन राशि में साल 2027 तक विराजमान रहेंगे। 29 मार्च 2025 तक शनि रहेंगे। इस दौरान तीसरे विश्‍वयुद्ध से महाविनाश का पहला चरण प्रारंभ होगा। उसके बाद 29 मार्च 2025 से 23 फरवरी 2028 तक शनि मार्गी और वक्री होकर मीन राशि में रहेंगे। तब जनता त्राहि-त्राहि करने लगेगी। फिर 23 फरवरी 2028 से 17 अप्रैल 2030 तक शनि मेष राशि में रहेंगे। इसी दौरान महाविनाश का दौर खत्म हो जाएगा और एक नए युग का प्रारंभ होगा।
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क्या कहती है अच्युतानंद की भविष्यवाणी?
  • भारत के महान भविष्यवक्ता संत अच्युतानंद दास ने अपनी भविष्य मालिका नामक पुस्तक में भारत के संबंध में कई भविष्यवाणी की है। उन्होंने लिखा है कि शनि जब मीन राशि में प्रवेश करेंगे तब भारत पर संकट के बादल छाएंगे। शनि के प्रभाव से अकाल, युद्ध, विस्फोट, भूचाल, महामारी के साथ ही भारत पर कई देशों के द्वारा हमला किया जाएगा। भविष्य मालिका के अनुसार 2025 के बाद का समय एक विभिषिका के समान होगा। वहीं लोग बचेंगे तो सत्य और धर्म के मार्ग पर चलेंगे। ALSO READ: Mangal Gochar : मंगल का मीन राशि में प्रवेश, 12 राशियों का राशिफल जानें

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