Publish Date: Thu, 02 Apr 2026 (14:55 IST)
Updated Date: Thu, 02 Apr 2026 (15:20 IST)
ज्योतिष गणना के अनुसार 02 अप्रैल से शनि और मंगल एक ही राशि में आकर विशेष युति बना रहे हैं। यह स्थिति कई दिनों तक प्रभाव में रहेगी। इस दौरान दुनिया में कई अप्रत्याशित घटनाओं की संभावना बताई जा रही है। हालांकि यह प्रभाव हर व्यक्ति और क्षेत्र पर अलग-अलग हो सकता है। शनि और मंगल की युति से द्वंद्व योग और विस्फोटक योग बन रहा है। यह योग कई क्षेत्रों में बदलाव और हलचल का संकेत दे सकता है। ऐसे समय में संयम, धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखना सबसे जरूरी माना जाता है।
देश-दुनिया में दिख सकते हैं ये संकेत
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राजनीतिक तनाव और बड़े फैसले
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प्राकृतिक आपदाओं या मौसम में अचानक बदलाव
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देशों के बीच तनाव या टकराव की स्थिति
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तकनीकी या औद्योगिक दुर्घटनाओं की खबरें
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सामाजिक स्तर पर उथल-पुथल
ज्योतिष जगत में अप्रैल का महीना उथल-पुथल भरा रहने वाला है। 02 अप्रैल से शनि और मंगल एक साथ आकर 'महायुति' बना रहे हैं। शनि को 'ठंडा' और न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है, जबकि मंगल 'अग्नि' तत्व और जल्दबाजी का प्रतीक है। इन दो विपरीत स्वभाव वाले ग्रहों का मिलन वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है।
वैश्विक स्तर पर गहरा असर (Global Impact)
ज्योतिषियों के अनुसार, शनि-मंगल की युति भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है।
सत्ता संघर्ष: दुनिया के कई हिस्सों में सत्ता को लेकर खींचतान या बड़े आंदोलनों की स्थिति बन सकती है, जो कि चल ही रहा है। कई देशों में सत्ता परिवर्तन के साथ ही संता संघर्ष भी चल रहा है।
युद्ध: मंगल का जब भी राहु या शनि के साथ युति या संयोग बनता है तो दुनिया में कहीं पर भी दो देशों के बीच युद्ध भड़कता है या छुटपुट संघर्ष चलता रहता है। इससे पहले राहु और मंगल की युति से अंगारक योग बना था और अब शनि मंगल की युति से द्वंद्व और विस्फोटक योग बना है जो कि युद्ध की आग में घी डालने का काम ही करेगा।
प्राकृतिक आपदाएं: अग्नि तत्व (मंगल) और वायु/पृथ्वी तत्व (शनि) के टकराने से भूकंप, आगजनी या अचानक आने वाले तूफानों की आशंका बढ़ जाती है।
अर्थव्यव: शेयर बाजार और धातु (Gold/Iron) के व्यापार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
शनि-मंगल युति: युद्ध, महंगाई और वैश्विक उथल-पुथल का संकेत
मेदिनी ज्योतिष के अनुसार, जब भी मंगल और शनि जैसे क्रूर ग्रहों का मिलन होता है, विश्वभर में महंगाई और अशांति बढ़ती है। जैसा हमने साल 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के समय देखा था, ठीक वैसी ही स्थिति इस वर्ष भी बन रही है। अप्रैल और मई में होने वाली यह युति गंभीर परिणामों की ओर इशारा कर रही है।
अमेरिका और युद्ध की तीव्रता:
अमेरिका की कुंडली के 8वें भाव में यह अशुभ युति हो रही है। ग्रहों की दशा बता रही है कि 12 मई तक अमेरिका अपनी सेना को होर्मुज जलडमरूमध्य के विवादित द्वीपों पर उतार सकता है, जिससे ईरान के साथ चल रहा युद्ध और भीषण रूप ले सकता है। ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार, 1 जून को गुरु के गोचर से पहले इस संघर्ष के रुकने की संभावना बहुत कम है।
खाड़ी देशों और भारतीयों पर संकट:
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की कुंडली में 8 अप्रैल से 'राहु' की दशा भारी आर्थिक और भौतिक नुकसान का संकेत दे रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य के द्वीपों को लेकर चल रहा विवाद ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को और तेज कर सकता है। इस युद्ध की आग में दुबई जैसे समृद्ध शहरों को बड़ी क्षति हो सकती है, जिससे वहां रह रहे लाखों भारतीयों के सामने गंभीर जीवन संकट पैदा होने की आशंका है।
विद्वानों का मानना है कि यह युति 'सफाई' (Cleansing) का काम करती है। जो व्यवस्थाएं पुरानी या जर्जर हो चुकी हैं, वे टूटेंगी ताकि नई व्यवस्था बन सके। शनि न्याय करते हैं और मंगल कार्रवाई। यह समय उन लोगों के लिए कठिन हो सकता है जो अनैतिक कार्यों में संलिप्त हैं, लेकिन परिश्रमी लोगों के लिए यह युति भविष्य की नींव रखने वाली साबित होगी।