हरियाली अमावस्या को गुरु-पुष्य का संयोग

हरियाली अमावस्या का राशियों पर प्रभाव

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सावन मास में महादेव के पूजन का विशेष महत्व है। इसक े सा थ ह ी हरियाली अमावस्या का संयोग 19 जुलाई को गुरु-पुष्य नक्षत्र के साथ आ रहा है। यह संयोग करीब आठ वर्ष पश्चात निर्मित हो रहा है। जो सर्वार्थ सिद्घि योग, अमृत योग के साथ अमावस्या को श्रेष्ठ बना रहा है। इस मुहूर्त में इच्छित फल के लिए भक्त शिव का अनेक तरह से अभिषेक करते हैं।

इस संबंध में ज्योतिषाचार्य पं. सौरभ दुबे के अनुसार पुष्य नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनिदेव हैं, इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन शिवजी पर जल चढ़ाने से कालसर्प दोष, शनि की साढ़ेसाती, शनि का ढैया एवं पितृ दोष से राहत मिलती है।

अत: हरियाली अमावस्या पर जानिए कैसा रहेगा राशियों पर प्रभाव। हर राशि पर आने वाली परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए निम्नानुसार उपाय आजमाएं। निश्चित ही आप अपने सारे कष्टों, परेशानियों से मुक्ति पा सकेंगे।

मेष- परिवार में विवाद रहेगा।
उपाय - शिवजी को गुड चढ़ाएं।

वृषभ- पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्घि होगी।
उपाय - शिव का अभिषेक दही से करें।

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मिथुन- धन में वृद्घि होगी।
उपाय - शिव का अभिषेक गन्ने के रस से करें।

कर्क- आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा।
उपाय - शिव का अभिषेक कच्चे दूध और पानी से करें।

सिंह- इस दौरान भूमि विवाद हो सकता है।
उपाय - खीर का भोग शिव को लगाएं।

कन्या- कार्यस्थल पर मनोनुकूल सफलता मिलेगी।
उपाय - शंकरजी को बिल्व पत्र चढ़ाएं।

तुला- कार्यों में बाधा आएंगी। शत्रु अड़चनें डालेंगे।
उपाय - शिव का अभिषेक कच्चे दूध से करें।

धनु- शत्रु पक्ष हावी रहेगा। रोगों में वृद्घि होगी।
उपाय - शिव का अभिषेक पंचामृत से करें।

वृश्चिक- आध्यात्मिक क्षेत्र में उन्नति होगी।
उपाय - गुलाब के फूल शिव को चढ़ाएं।

मकर- विवाह प्रसंग की बात बनेगी। कार्य सिद्घि होगी।
उपाय - नारियल का जल शिव को चढ़ाएं।

कुंभ- आर्थिक उन्नति एवं शत्रु की पराजय होगी।
उपाय - सरसों के तेल से शिवजी का अभिषेक करें।

मीन- स्थान परिवर्तन का योग है।
उपाय - शिव का अभिषेक केसरयुक्त दूध से करें।

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