फ़िरदौस ख़ान

उर्दू पत्रकारिता की अहमियत से किसी भी सूरत में इंकार नहीं किया जा सकता। पत्रकारिता का इतिहास बहुत पुराना है या यूं...
कुछ लोग ज़मीन पर राज करते हैं और कु्छ लोग दिलों पर। मरहूम राजीव गांधी एक ऐसी शख़्सियत थे, जिन्होंने ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि...
किसी भी देश के विकास में मजदूरों की सबसे बड़ी भूमिका है। ये मजदूर ही हैं, जिनके खून-पसीने से विकास की प्रतीक गगनचुंबी...
त्योहारों का मज़ा तब ही है, जब वे ख़ुशियों के साथ संपन्न हों। होली है तो रंग भी होंगे। रंगों के साथ हुड़दंग भी होगा, ढोल-ताशे...
होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला रंगों का पावन पर्व है। फाल्गुन माह में मनाए जाने की वजह से इसे फागुनी भी कहा जाता है।...
हिन्दुस्तानी त्योहार बहुत आकर्षित करते रहे हैं, क्योंकि ये त्योहार मौसम से जुड़े होते हैं, प्रकृति से जुड़े होते हैं।...
लोकसभा चुनाव क़रीब हैं। इस समर को जीतने के लिए कांग्रेस दिन-रात मेहनत कर रही है। इसके मद्देनज़र पार्टी संगठन में भी लगातार...
जी हां, बंजर ज़मीन पर अब लिलियम के फूल लहलहा रहे हैं। आज जब खेती की उपजाऊ ज़मीन लगातार बंजर होती जा रही है, ऐसे में लिलियम...
बायोगैस ने लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बना दिया है। देश के अनेक गांवों में अब महिलाएं लकड़ी के चूल्हे पर खाना नहीं पकातीं,...
कविता अपने ख़्यालात, अपने जज़्बात को पेश करने का एक बेहद ख़ूबसूरत ज़रिया है। प्राचीनकाल में कविता में छंद और अलंकारों को...
अहंकार को एक दिन टूटना ही होता है। अहंकार की नियति ही टूटना है। इतिहास गवाह है कि किसी का भी अहंकार कभी ज़्यादा वक़्त तक...
बरसात का मौसम शुरू ही देश के कई राज्य बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। बाढ़ से जान व माल का भारी नुक़सान होता है। लाखों लोग बाढ़...
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाक़ात कर रहे हैं। अगर वे मुसलमानों के हालात जानने के लिए...
राहुल गांधी देश और राज्यों में सबसे लंबे अरसे तक हुकूमत करने वाली कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। वे एक ऐसे ख़ानदान के वारिस...
केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 26 मई को 4 साल पूरे कर लिए हैं। इन 4 सालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता और सरकार...
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 को मुंबई में हुआ था। वे सिर्फ़ तीन साल के थे, जब देश आज़ाद हुआ और उनके नाना आज़ाद भारत के पहले...
पत्रकार, लेखिका व शायरा फ़िरदौस ख़ान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर एक गज़ल लिखी है। इस ग़ज़ल में राहुल गांधी के वजूद...
किसी भी देश की तरक़्क़ी के लिए, किसी भी समाज की ख़ुशहाली के लिए चैन-अमन सबसे ज़रूरी है। पिछले 4 बरसों में देश में जो नफ़रत का...
मुद्दई सुस्त और गवाह चुस्त। ये कहावत इस वक़्त कांग्रेस के नेताओं और रणनीतिकारों पर बिलकुल सही बैठ रही है। पार्टी कार्यकर्ता...
देश की राजधानी दिल्ली में जिस तेज़ी से आबादी बढ़ रही है, उस हिसाब से बुनियादी सुविधाओं को जुटाना कोई आसान काम नहीं है।...
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