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पहलगाम हमले की बरसी: क्या फिर दहलेगा दुश्मन? 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' की आहट से मचा हड़कंप

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Pahalgam Terrorist Attack Operation Sindoor 2.0
pahalgam attack Operation Sindoor: 22 अप्रैल 2026 आज पहलगाम की पहली बरसी है। पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 लोगों की गोली मारकर हत्या करती थी इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर 1.0 लॉच करके पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। वर्तमानमें आतंककी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और कूटनीतिक को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर फिर से होगा शुरू, क्योंकि हाल ही में पाकिस्तानी आतंकवादियों के  हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया है। 

पाकिस्तान की गीदड़ धमकी: 

हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से कुछ कड़े और चेतावनी भरे बयान सामने आए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में पाक संसद में दावा किया कि भारत "एक और युद्ध की तैयारी" कर रहा है। उन्होंने भारत को चेतावनी दी है कि यदि भारत ने दोबारा कोई सैन्य कार्रवाई की, तो पाकिस्तान का जवाब पहले से कहीं अधिक "शक्तिशाली और कठोर" होगा। हालांकि ज्योतिष इस संबध में क्या कहते हैं, चलिए जानते हैं। पाकिस्तान के इन बयानों के जवाब में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना किसी भी दुस्साहस का "अभूतपूर्व और निर्णायक" जवाब देने के लिए तैयार है। भारत ने यह भी दोहराया है कि 'आतंक और बातचीत' साथ-साथ नहीं चल सकते।
 

क्या था ऑपरेशन सिंदूर 1.0, जानिए पूरी कहानी

22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। 7 मई को, भारत ने पाकिस्तान के 9 से अधिक आतंकवादी अड्डों पर हमला करके उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके जवाब में, 8 मई की रात को पाकिस्तान ने 500 से ज़्यादा ड्रोन्स का इस्तेमाल करके भारत के 15 शहरों पर हमला किया, लेकिन भारत ने इस हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में भारी तबाही मचाई, जिसमें उनके 11 एयर डिफेंस सिस्टम, 2 एयरबेस और 9 फाइटर जेट्स नष्ट हो गए। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घबरा गया और घुटनों के बल आ गया। 
 
पाकिस्तान इस आक्रमक कार्रवाई से बचने का रास्ता खोज रहा था और वह अपनी फरियाद लेकर अमेरिका के पास बार-बार गया था। वाशिंगटन में बैठे पाकिस्तानी राजनयिकों और डिफेंस अटैची ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से लेकर सीजफायर के लागू होने तक, अमेरिकी सरकार और वहां के सांसदों के साथ 60 से अधिक बार बैठकें। कुल 66 अमेरिकी सरकार के अधिकारियों, सांसदों और मीडिया से अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की और भारत के सैन्य अभियान को किसी तरह रोकने की मांग की। अंत में 10 मई को पाकिस्तान के डीजीओ ने भारत से युद्ध रोकने की गुहार लगाई तब भारत ने सीजफायर का ऐलान कर दिया।

वर्ष 2025 में पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के ग्रह गोचर:

वर्ष 2025 में हमने खतरनाक ग्रह गोचर और योग देखें। एक ओर जहां शनि ने 29 मार्च 2025 में मीन राशि में गोचर किया वहीं 14 मई को बृहस्पति ने मिथुन में अतिचारी गोचर किया, 18 मई को राहु ने कुंभ में और केतु ने सिंह में गोचर किया। इस बीच सूर्य और चंद्र ग्रहण योग भी बनें। इसी ग्रहण और ग्रोचर के चलते खप्पर योग, पिशाच योग, कुंजकेतु, षडाष्टक योग, अंगारक योग और तमाम तरह के बुरे योगों का निर्माण हुआ। इन ग्रह गोचर ने एक ओर ईरान और इजराइल में युद्ध भड़काया तो दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को भड़का दिया।
 

वर्ष 2026 के ग्रह गोचर और ऑपरेशन सिंदूर 2.0: 

वर्तमान में भी भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अब स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार का आतंकवाद हमला होता है तो इसे युद्ध माना जाएगा। वर्तमान में 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण और फिर 03 मार्च चंद्र ग्रहण के बीच में और राहु एवं मंगल की युति से अंगारक योग के बीच मिडिल ईस्ट में महायुद्ध प्रारंभ हो चुका है। इसके बाद 02 अप्रैल से 11 मई तक के लिए शनि और मंगल का विस्‍फोटक योग बना है। इसी के साथ ही कालसर्प योग और पंचग्रही योग भी निर्मित हुआ है। जून में खप्पर योग का निर्माण भी होगा। 19 मार्च 2026 से रौद्र नामक संवत्सवर प्रारंभ हुआ है जो युद्ध, प्राकृतिक आपदा और जनविद्रोह को जन्म देता है। इसका अर्थ है कि जल्द ही ऑपरेशिन सिंदूर 2.0 फिर से शुरु हो सकता है।
अब अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को होगा और 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण रहेगा। इसका अर्थ है कि इस दौरान फिर से किसी मोर्चे पर जंग का आगाज हो सकता है। जैसा कि पहले ही आशंका जताई गई थी कि 29 मार्च 2025 को जब शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तो दुनिया भर में विद्रोह, युद्ध और प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ जाएंगी। यह आशंका सच साबित हुई। शनिदेव इस राशि में 3 जून 2027 तक रहकर लोगों के कर्मों का फल निर्धारित करते रहेंगे। 03 जून 2027 को शनि जब मेष गोचर करेंगे तब यह समय युद्ध के लिहाज से और भी ज्यादा खतरनाक रहेगा। वक्री होकर वे 20 अक्टूबर तक पुन: मीन में लौट आएंगे। इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से कभी भी युद्ध शुरू हो सकता है। ज्योतिषियों का आकलन है कि जब शनि अपनी शत्रु राशि मेष में प्रवेश करेगा तब दुनिया के हालात और भी बुरे हो जाएंगे।

भविष्यवाणी: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा युद्ध तय है। कई ज्योतिषियों का मानना है कि जब शनि मेष राशि में गोचर करने लगेगा तब इस युद्ध की संभावना प्रबल रहेगी। 

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