बुद्ध पूर्णिमा : गौतम बुद्ध के जन्म से जुड़ी 5 रोचक बातें

Webdunia
रविवार, 15 मई 2022 (10:11 IST)
Gautam Buddha Purnima
वैशाख माह की पूर्णिमा का भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 16 मई 2022 को उनकी जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं उनके जन्म से जुड़ी 5 रोचक बातें।
 
 
1. गौतम बुद्ध का जन्म ईसा से 563 साल पहले नेपाल के तराई क्षेत्र में कपिलवस्तु और देवदह के बीच नौतनवा स्टेशन से 8 मील दूर पश्चिम में रुक्मिनदेई नामक स्थान है, जहां एक लुम्बिनी नाम का वन था। वहां उनका जन्म हुआ था। 
 
2. गौतम बुद्ध के पिता कपिलवस्तु के राजा शुद्धोदन थे और उनकी माता का नाम महामाया था। कपिलवस्तु की महारानी महामाया देवी जब अपने नैहर कौलिया गणराज्य की राजधानी देवदह जा रही थीं, तो रास्ते में लुम्बिनी वन में ही उन्होंने बुद्ध को जन्म दिया। 
 
3. गौतम बुद्ध का घने जंगल में दो साल के वृक्षों के बीच में हुआ था। कपिलवस्तु के निकट उत्तर प्रदेश के ककराहा नामक गांव से 14 मील और नेपाल भारत सीमा से कुछ दूर नेपाल के अंदर रुमिनोदेई नामक ग्राम ही लुब्बिनी ग्राम है। नौतनवा स्टेशन से 8 मील दूर पश्‍चिम में रुक्मिनदेई नामक स्थान पे पास उस काल में लुम्बिनी वन हुआ करता था।
 
4. बुद्ध के जन्म के बाद एक भविष्यवक्ता ने राजा शुद्धोदन से कहा था कि यह बालक चक्रवर्ती सम्राट बनेगा, लेकिन यदि वैराग्य भाव उत्पन्न हो गया तो इसे बुद्ध होने से कोई नहीं रोक सकता और इसकी ख्‍याति समूचे संसार में अनंतकाल तक कायम रहेगी। 
 
5. बुद्ध के जन्म के 7 दिन बाद उनकी माता का देहांत हो गया तब उनकी मौसी गौतमी ने उनका लालन पालन किया और तब उनका जन्म नाम सिद्धार्थ रखा गया था।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

पर्स में रखें ये 5 चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

चैत्र नवरात्रि पर IRCTC का वैष्‍णोदेवी स्पेशल टूर पैकेज, जानिए कम खर्च में कैसे जा सकते हैं माता रानी के दरबार में

चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी तिथि कब रहेगी, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

बुध ग्रह मीन राशि में अस्त, 3 राशियां रहेंगी मस्त

बुध हुए मीन राशि पर अस्त, जानें 5 राशियों पर क्या होगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: इन 3 राशियों को व्यवसाय में होगा लाभ, नौकरी में अच्छा रहेगा समय, जानें 21 मार्च का राशिफल

21 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

21 मार्च 2025, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

अगला लेख