Uttar Pradesh Coronavirus Update : 24 घंटे में 3807 नए मामले, 47 लोगों की मौत, CM योगी ने दिए ये निर्देश

शनिवार, 1 अगस्त 2020 (21:47 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोनावायरस संक्रमण से 47 और लोगों की मौत होने के साथ ही शनिवार को मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1677 हो गया। अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि राज्य में उपचाराधीन मरीज 36,037 हैं जबकि 51,354 मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है। बीते 24 घंटे में संक्रमण के 3807 नए प्रकरण सामने आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक महामारी कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रोएक्टिव होकर कार्य करने के निर्देश दिए।
 
अब तक 24 लाख सेंपल की जांच : अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि शुक्रवार को राज्य में 93,381 नमूने जांचे गए। इस प्रकार अब तक कुल 24,18, 809 सैम्पल की जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हम लगातार 90 हजार, एक लाख या एक लाख से अधिक जांच कर रहे हैं और ये जांच एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट के माध्यम से हो रही है।

प्रसाद ने कहा कि टेस्टिंग को और बढ़ाया जाएगा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब अधिकांश जनपदों में 'आन डिमांड' टेस्टिंग की व्यवस्था हो गई है। उन्होंने कहा कि पहले प्रोटोकॉल के अनुसार लोगों को चयनित कर टेस्ट करते थे, लेकिन अब अगर किसी व्यक्ति को खुद में लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो जो भी हमारे स्टैटिक बूथ हैं, कोई भी व्यक्ति वहां जाकर अपनी जांच करा सकता है। 
 
उन्होंने कहा कि जो लोग सेमी पेड या निजी चिकित्सालय की व्यवस्था नहीं चाहते, उनके लिए एल-1, एल-2 और एल-3 कोविड अस्पतालों की व्यवस्था है, जहां एक लाख 51 हजार से अधिक बेड हैं और इलाज नि:शुल्क है। उन्होंने निगरानी का उल्लेख करते हुए कहा कि कुल 41, 904 क्षेत्रों में कंटेनमेंट का कार्य हुआ है। इनमें 1,49,31,897 घरों में 7,56,14,060 लोगों का सर्विलांस किया गया है।
 
योगी ने दिए निर्देश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक महामारी कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रोएक्टिव होकर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन्टीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को और अधिक मजबूत करते हुए मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराई जाएं। 
 
मुख्यमंत्री ने प्रतिदिन 1 लाख से अधिक कोविड-19 के टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट आरटीपीसीआर, ट्रूनैट मशीन तथा रैपिड एंटीजन विधि से किए जाएं। एंटीजन टेस्ट की संख्या को बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि रैपिड एंटीजन टेस्ट किट की सुचारु उपलब्धता प्रत्येक जिले में रहनी चाहिए।
 
योगी ने कहा है कि चिकित्साकर्मियों को मेडिकल संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रबंध किए जाएं। मेडिकल स्टाफ के लिए पर्याप्त संख्या में पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स तथा सेनेटाइजर आदि की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
अखिलेश ने लगाए आरोप : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासन में स्वास्थ्य सेवाए बदहाल हो गई हैं, कोरोना पीडि़त होने पर चिकित्सकों और विधायकों तक को अस्पतालों में बेड नहीं मिले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी से बचाव के लिए हमें सावधानी बरतनी चाहिए। मास्क लगाकर और आपस में दूरी बनाकर हमें अपनी सुरक्षा करनी होगी।

पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना संकट में प्रशंसनीय कार्य किया है जबकि उनके स्वास्थ्य के लिए भी चुनौती कम नहीं हैं। डॉक्टरों, विधायकों को कोरोना पीड़ित होने पर भी बेड नहीं मिल रहा है। क्या यही भाजपा सरकार की कोरोना से निपटने की तैयारी है। लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों का विस्थापन बड़े पैमाने पर हुआ है। लोगों की रोजी-रोटी छूटी है। बेकारी बढ़ी है। अर्थव्यवस्था नीचे चली गई है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हुई हैं।
 
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में समाजवादी सरकार में 500 बेड का अस्पताल बना था, वह भी भाजपा सरकार चालू नहीं कर सकी। गोरखपुर में ही एम्स अस्पताल के लिए समाजवादी सरकार ने कीमती जमीन दी थी, उसके निर्माण में भी भाजपा सरकार की लापरवाही सामने आ चुकी है। प्रदेश में मरीजों के लिए 108 एम्बुलेंस तथा महिला प्रसूताओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवाएं भी भाजपा राज में बर्बाद होकर रह गई हैं।

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