भारत में कोरोना से 5000 से ज्यादा की मौत, संक्रमितों की संख्‍या 1.76 लाख

रविवार, 31 मई 2020 (00:23 IST)
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के नए मामलों और मौतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद मृतकों की संख्या 5,000 से ज्यादा और संक्रमित लोगों की संख्या 1.76 लाख हो गई। सरकार ने कहा है कि 2 महीने से अधिक समय से लागू लॉकडाउन को 1 जून से चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 के साथ जीते हुए सभी एहतियात का पालन करना जरूरी है। सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करने और सार्वजनिक स्थानों पर हर किसी को मास्क लगाने या चेहरा ढंकने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही निजी और सामाजिक तौर पर साफ-सफाई के मानकों का पालन करना होगा।
 
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 से निपटना तभी संभव हो पाएगा जब हर कोई स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सावधानी बरते और लॉकडाउन के दौरान मिली छूट को हल्के में नहीं ले।
 
केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को देश के कंटेनमेंट जोन में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाने की घोषणा की। हालांकि इस रविवार को खत्म हो रहे लॉकडाउन के चौथे चरण के बाद अन्य स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से पाबंदी खत्म की जाएगी।
 
राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को महामारी के जमीनी हालात के मुताबिक अतिरिक्त पाबंदी लगाने की इजाजत होगी।
 
कुछ राज्यों ने कहा है कि लोगों की जिंदगी बचाने के लिए वे दो-चार सप्ताह तक लॉकडाउन को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कुछ छूट की भी घोषणा की।
 
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदरसिंह ने लॉकडाउन की अवधि 1 महीने के लिए बढ़ाकर 30 जून तक कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लॉकडाउन पर केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों पर अमल करेगी। अपने साप्ताहिक फेसबुक संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी टला नहीं है और यदि आवश्यक हुआ तो लोगों का जीवन बचाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
 
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए राज्य में लॉकडाउन 15 जून तक लागू रहेगा।
 
पश्चिम बंगाल सरकार ने लॉकडाउन को 15 जून तक के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन 1 जून से सर्शत छूट देने की भी घोषणा की है।
 
मिजोरम ने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए लॉकडाउन दो और हफ्ते लागू रहेगा। हालांकि मिजोरम में फिलहाल संक्रमण का एक भी मामला नहीं है।
 
केंद्रीय गृह मंत्रालय के जारी दिशा-निर्देश में कर्फ्यू का समय भी बदलकर रात 9 बजे से सुबह 5  बजे तक कर दिया गया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा देशभर में अन्य लोगों के बाहर निकलने पर पाबंदी होगी।
 
दिशा-निर्देशों के मुताबिक 1 जून से राज्य के भीतर या राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही या सामानों के परिवहन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं होगी। इसके अलावा 8 जून से धार्मिक स्थलों, होटलों, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल को खोलने की अनुमति होगी।
 
दिशा-निर्देश मे कहा है कि स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थानों को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ सलाह के बाद अगले चरण में खोला जाएगा। इन संस्थानों को खोलने पर जुलाई में फैसला होगा। नया दिशा-निर्देश ऐसे दिन आया है जब देश में संक्रमण और मृतकों के रिकॉर्ड मामले आए।
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुबह के अपडेट में कहा कि शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे के दौरान 7964 नए मामलों के साथ संक्रमित लोगों की संख्या बढकर 1,73,763 हो गई जबकि इसी अवधि में 265 मौत के साथ मृतकों की संख्या 4971 हो गई।
 
मंत्रालय ने कहा कि हालांकि संक्रमण से ठीक होने की दर भी बढ़कर 47 प्रतिशत हो गयी है। देश में 82,000 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। वर्तमान में संक्रमण के लगभग 86,000 मामले हैं।
 
हालांकि विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों द्वारा घोषित आंकड़ों के आधार पर पीटीआई की तालिका के मुताबिक संक्रमण के 1,76,792 मामले हैं और कम से कम 5100 मौतें हुई हैं। कुल 86,000 लोग ठीक हो चुके हैं और संक्रमण के अभी 85,700 मामले हैं।
 
कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया में नौवें स्थान पर पहुंच गया है। चीन के वुहान में पिछले साल दिसंबर में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला आने के बाद से अब तक दुनिया में 60 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 3.65 लाख से लोगों की मौत हुई है।
 
अमेरिका दुनिया का सबसे अधिक प्रभावित देश है, जहां पर 17.5 लाख लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 1.02 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में करीब 4 लाख संक्रमण मुक्त हुए हैं जबकि कोविड-19 मरीजों के ठीक होने के मामले में भारत का नौवां स्थान है।
 
हालांकि उपचाराधीन मरीजों के मामले में भारत शीर्ष 5 देशों में शामिल हैं। अन्य चार देश अमेरिका, ब्राजील, रूस और फ्रांस हैं, जहां पर 36 लाख से अधिक लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
 
भारत के भीतर महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित राज्य है। गुजरात, दिल्ली, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और राजस्थान भी सबसे अधिक संक्रमण वाले राज्यों में शामिल हैं।
 
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में शनिवार को कोविड-19 के 2,940 नए मामले सामने आए हैं जबकि 99 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 65,168 हो गई है और इनमें से 2,197 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में 1,084 मरीजों के ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दी गई और अब तक 28,081 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।
 
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक दिन में रिकॉर्ड 1,163 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दिल्ली में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18 हजार से ज्यादा हो गई है जबकि 416 लोगों की मौत हुई है।
 
हालांकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार कोरोना वायरस के मद्देनजर कई कदम उठा रही है और स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारियां की गई है। 
 
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को स्थायी रूप से लागू नहीं किया जा सकता है और मामलों के बढ़ने के बावजूद मौतों की संख्या सीमित करने पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है।
 
गुजरात में कोविड-19 के 412 नए मामले आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 16,356 हो गई। राज्य में 27 मरीजों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 1,000 पार कर गई है।
 
पश्चिम बंगाल में 317 नए मामले आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 5,130 हो गई। राज्य में अब तक 237 लोगों की मौत हुई है।
 
 
तमिलनाडु में एक दिन में कोविड-19 के सबसे अधिक 938 नए मरीज मिले। इसके साथ ही राज्य में कुल कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़कर 21,184 हो गई। राज्य में कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 160 हो गई।
 
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू है। हालांकि इस महीने संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और इनमें से वे लोग शामिल है जो विशेष ट्रेनों से एक राज्य से दूसरे राज्यों में गए और विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को विशेष विमानों से स्वदेश लाया गया।
 
भारत में संक्रमितों का आंकड़ा 18 मई को 1 लाख के पार पहुंचा। इसी दिन लॉकडाउन के चौथे चरण के तहत कई ढील देने की शुरुआत की गई थी।
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि गत तीन दिनों में कोविड-19 मरीजों के दोगुनी होने की दर में सुधार हुआ है और अब 13.3 दिनों के बजाय 15.4 दिनों में मामले दोगुने हो रहे हैं। मंत्रालय ने बताया कि शनिवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में 11 हजार से अधिक लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं जो एक दिन में सबसे अधिक है।
 
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जांच की क्षमता में वृद्धि की गई है और अब देश में 462 सरकारी प्रयोगशालाओं और 200 निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 जांच की जा रही है।
 
सामुदायिक सोशल मीडिया मंच ‘लोकल सर्किल’ द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 57 प्रतिशत प्रतिभागियों ने निजी अस्पतालों में कोविड-19 के महंगे इलाज पर चिंता जताई है जबकि 46 प्रतिशत ने सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से संक्रमित होने का खतरा जताया। (भाषा)

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