Biodata Maker

विशेषज्ञों का अनुमान, Covid 19 रोगियों को रुक-रुककर ऑक्सीजन लेने से कोई फायदा नहीं

Webdunia
गुरुवार, 22 अप्रैल 2021 (08:37 IST)
नई दिल्ली। देश के शीर्ष डॉक्टरों ने बुधवार को कहा कि 'ऑक्सीजन दवा के जैसी है' और रुक-रुक इसे लेना फायदेमंद नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई डाटा नहीं है, जो दर्शाता हो कि यह कोविड-19 रोगियों के लिए किसी भी तरह मददगार है या होगी, लिहाजा यह बेकार की सलाह है।

ALSO READ: कोरोना से जंग में बड़ा हथियार बना वैक्सीनेशन, इन राज्यों में मुफ्त होगा टीकाकरण
 
एम्स के डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोविड-19 के 85 प्रतिशत रोगी रेमडेसिविर आदि के रूप में बिना किसी विशिष्ट उपचार के ठीक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अधिकतर को जुकाम, गले में खराश आदि जैसे सामान्य लक्षण होंगे और 5 से 7 दिन में वे इन लक्षणों के इलाज के जरिए उबर जाएंगे। केवल 15 प्रतिशत रोगियों को ही बीमारी के मध्यम चरण का सामना करना पड़ सकता है।
 
गुलेरिया ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार स्वस्थ लोग जिनका ऑक्सीजन सेच्युरेशन 93-94 प्रतिशत है, उन्हें अपने सेच्युरेसन को 98-99 प्रतिशत तक बरकरार रखने के लिए उच्च प्रवाह ऑक्सीजन लेने की कोई जरूरत नहीं है। 94 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन सेच्युरेशन वाले लोगों को करीबी निगरानी की जरूरत है।
 
गुलेरिया ने कहा कि ऑक्सीजन एक इलाज है। यह एक दवा की तरह है। रुक-रुककर इसके इस्तेमाल का फायदा नहीं हैं। ऐसा कोई डाटा नहीं है, जो दर्शाता हो कि यह कोविड-19 रोगियों के लिए किसी भी तरह मददगार है या होगी, लिहाजा यह बेकार की सलाह है।

 
मेदांता अस्पताल के अध्यक्ष डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कहा कि अगर हम सही तरीके से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने का प्रयास करें तो देश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन है। उन्होंने लोगों से ऑक्सीजन को 'सुरक्षा कवच' के रूप में इस्तेमाल नहीं करने का अनुरोध किया। एक बयान के अनुसार त्रेहन ने कहा कि ऑक्सीजन की बर्बादी होने से वे लोग इससे वंचित रह जाएंगे जिन्हें इसकी जरूरत है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

क्या फिर बनेगी मोदी सरकार, बहुमत को छू पाएगा NDA, INDIA गठबंधन को मिलेगी कितनी सीटें

Ajit Pawar plane crash : बारामती हादसे का सच बताएगा Black box, दिल्ली से शुरू हुई बड़ी कार्रवाई, जांच में जुटी AAIB

HAL और रूस के बीच 'सुखोई सुपरजेट-100' के लिए समझौता, Civil Aviation में देश को कैसे होगा फायदा

मिडिल ईस्ट में कभी भी छिड़ सकती है जंग! ईरान ने अमेरिका को ललकारा- 'हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं'

USS Abraham Lincoln की तैनाती से क्यों कांप रहा है मिडिल ईस्ट? ईरान ने उतारा 'शहीद बगेरी' ड्रोन कैरियर

सभी देखें

नवीनतम

UN महासचिव एंतोनियो ने पेश की अंतिम वर्ष की प्राथमिकताएं, बोले- विश्वभर में तनावों के खतरनाक दुष्परिणाम सामने आ रहे, अराजकता के बजाय शांति को चुनें

वायरल वीडियो, इंजेक्शन और मौत के बाद सुसाइड नोट, क्‍या है साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का सच?

AADHAAR App का नया वर्जन हुआ लांच, घर बैठे होंगे सारे काम, जानिए क्‍या है इसमें खास

उड्डयन क्षेत्र में उत्तराखंड को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, देशभर में बनी राज्‍य की नई पहचान

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेंगे कई राज?

अगला लेख