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राजस्थान में Corona की दूसरी लहर का असर, सभी शहरों में शाम 6 से सुबह 6 बजे तक के लिए लगेगा कर्फ्यू

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बुधवार, 14 अप्रैल 2021 (21:00 IST)
जयपुर। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान सरकार ने सभी शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है। आदेश के अनुसार 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सभी शहरों में हर दिन 12 घंटे के लिए कर्फ्यू लगाया जाएगा।

राजस्थान सरकार ने कोरोना के मामले बढ़ने के बाद आज प्रदेश में 30 अप्रैल तक के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन में प्रदेश के सभी शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। शहरी क्षेत्रों में शाम पाच बजे से बाजार बंद करने होंगे। इस बीच प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड़ की कक्षा 10वीं, एवं 12वीं बोर्ड़ की परीक्षा स्थगित कर दी गई है।

राजस्थान में आज 6200 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और 29 लोगों की मौत हुई है। राजस्थान में कोरोना के अब तक 3,81,292 केस की पुष्टि हुई है और 3,008 मरीजों की मौत हुई है. अब तक 3,33,379 मरीज ठीक हुए हैं।

जयपुर सहित 15 जिलों में इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है। हालांकि राज्य सरकार इसके नियंत्रण के लिए जरुरी एवं सख्त कदम उठा रही है। चिकित्सा विभाग के अनुसार, नए मामले करीब साढ़े 5 हजार से अधिक आने लगे हैं और सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हजार को पार कर गई हैं।
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इसका सर्वाधिक असर जयपुर में देखा जा रहा है जहां मंगलवार शाम तक 987 नए मामले सामने आए। इसी तरह जोधपुर में 770, उदयपुर में 729 एवं कोटा में 616 नए मामले सामने आए। राज्य के अजमेर में 239, पाली में 206 एवं डूंगरपुर में 201 नए मामले आए। इसके अलावा अलवर, बारां, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, सिरोही एवं टोंक में सौ से अधिक नए मामले सामने आए। शेष जिलों में कोरोना का ज्यादा प्रभाव नहीं हैं।

प्रदेश में केवल चुरु जिला ऐसा हैं जहां मंगलवार को कोई नया मामला सामने नहीं आया, जबकि राज्य में 5528 नए मामले आए। राज्य में दूसरी लहर के तेजी से बढ़ने से जहां सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हजार 690 पहुंच गई, वहीं इससे 28 और लोगों की मौत हो जाने से इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 2979 हो गई।

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संक्रमण के प्रसार को रोकने में चिकित्सा विभाग अन्य विभागों के साथ पूरी मुस्तैदी से जुटा है। कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, आईसीयू बैड, वेंटीलेटर तथा सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दूसरी लहर की भयावहता के मद्देनजर जनता का सहयोग बेहद जरूरी है और उन्हें इस कठिन दौर में कोविड गाइडलाइन की पालना में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने राजस्थान को कोरोना की लड़ाई में सबसे आगे बताते हुए कहा कि इसकी दूसरी लहर की विकट परिस्थितियों में हमें और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में 996 माइक्रो कन्टेनमेन्ट जोन चिह्नित किए गए हैं। गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर संयुक्त दलों द्वारा 398 परिसरों को सीज किया गया है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन की पालना नहीं करने वाले 63 लोगों को संस्थागत क्वारेंटाइन में भेजा गया है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग के शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि आवश्यकता के अनुरूप प्रदेश के सभी जिलों के कोविड अस्पतालों में अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि जिन रोगियों में गंभीर लक्षण नहीं हैं, उनके लिए डे केयर सेन्टर बनाए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित रखने की सीमा को बढ़ाया गया है।

रेमेडिसिविर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कम्पनियों से लगातार सम्पर्क में हैं। संक्रमण दर जो करीब तीन सप्ताह पहले दो प्रतिशत के आसपास थी, वह अब सात प्रतिशत से अधिक हो गई है। मामले दुगने होने का समय भी अब केवल 73 दिन ही रह गया है। पिछले 12 दिन में पांच लाख 16 हजार सैंपल लिए गए हैं। सोमवार को एक ही दिन में 59 हजार सैंपल लिए गए।

आरयूएचएस के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र सिंह तथा अन्य चिकित्सकों ने बताया कि यह वायरस युवाओं और बच्चों को भी संक्रमित कर रहा है। इसके संक्रमण की रफ्तार काफी तेज होने के साथ ही अधिक घातक है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए अधिक सख्त एवं कारगर कदम उठाने की जरूरत है।(वार्ता)

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