Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

दिल्ली में कोरोना विस्फोट, पिछले 24 घंटे में 2790 नए मामले, 9 लोगों की मौत, अगले आदेश तक सभी स्कूल बंद

webdunia
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp
share
गुरुवार, 1 अप्रैल 2021 (20:52 IST)
नई दिल्ली। देश की राजधानी में कोरोना के मरीजों ने आज एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछले 24 घंटे में 2790 मरीज रिकॉर्ड किए गए हैं। यह इस साल का अब तक का सबसे बड़ा कोरोना मरीजों का आंकड़ा सामने आया है। इसकी वजह से कोरोना पॉजिटिविटी रेट 3.57% पर पहुंच गया है। 9 लोगों की मौत के बाद कोविड-19 महामारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 11,036 हुई।
ALSO READ: प्रधानमंत्री ने उद्धव ठाकरे को फोन किया, उनकी पत्नी के स्वास्थ्य की जानकारी ली
दिल्ली में कोविड-19 के 2,790 नए मामले आए जो इस साल एक दिन में आए मामलों में सबसे अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस अवधि में नौ और मरीजों की संक्रमण से मौत हुई है जिन्हें मिलाकर राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11,036 हो गई है। 
 
विभाग के मुताबिक संक्रमण दर (जांच किए गए नमूनों के अनुपात में संक्रमित) भी बढ़कर 3.57 प्रतिशत हो गई है। दिल्ली में बुधवार को कोविड-19 के 1,819 मामले आए थे जबकि संक्रमण दर 2.71 प्रतिशत थी। वहीं 11 मरीजों की मौत हुई थी। विभाग ने बताया कि बृहस्पतिवार को आए मामलों के साथ ही दिल्ली में अबतक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 6,65,220 हो गई है।  
 
उल्लेखनीय है कि पिछले साल आठ दिसंबर को दिल्ली में 3,188 मामले आए थे जबकि छह दिसंबर को 2,706 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। नवीनतम बुलेटिन के मुताबिक दिल्ली में 10,498 मरीज उपचाराधीन है जबकि एक दिन पहले यह संख्या 8,838 थी। बुलेटिन के अनुसार गत 24 घंटे में कुल 78,073 नमूनों की जांच की गई जिनमें से 47,026 नमूनों की जांच आरटी-पीसीआर पद्धति से की गई जबकि 31,047 नमूनों की जांच रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से की गई।
अगले आदेश तक स्कूल बंद : दिल्ली सरकार ने घोषणा की कि अगला आदेश जारी किए जाने तक नए अकादमिक सत्र में किसी भी कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों से यह भी कहा है कि अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए शिक्षण गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल से डिजिटल माध्यम से शुरू की जा सकती हैं।
 
निदेशालय ने एक आधिकारिक आदेश में कहा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए किसी भी विद्यार्थी को अगले आदेश तक स्कूल में आने के लिए नहीं कहा जाएगा। हालांकि, नये अकादमिक सत्र में शिक्षण गतिविधियों को विद्यार्थियों के लिए एक अप्रैल 2021 से डिजिटल माध्यमों से शुरू किया जा सकता है। शिक्षा निदेशालय के ये निर्देश राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद आए हैं।
 
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल मार्च में दिल्ली के स्कूलों को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से पहले ही बंद कर दिया गया था। कई राज्यों ने जहां अक्टूबर में आंशिक तौर पर स्कूलों को फिर से खोल दिया था वहीं दिल्ली सरकार ने 18 जनवरी से पांच फरवरी तक प्रैक्टिकल कार्यों के लिए 9वी कक्षा से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को फिर से खोला था।
 
निदेशालय ने कहा कि यह दोहराया जाता है कि कोविड सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए और परिजनों की सहमति से कक्षा नौ से 12वीं तक (अकादमिक सत्र 2020-21) के विद्यार्थियों को मध्यावधि, प्रीबोर्ड-बोर्ड, वार्षिक परीक्षाओं, व्यावहारिक परीक्षा, परियोजना कार्य, आंतरिक मूल्यांकन के लिए मार्गदर्शन और सहायता देने के लिए स्कूल बुलाया जा सकता है।
 
मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक : दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ 'तत्काल' बैठक करेंगे ताकि चुनौती को देखते हुए एक कार्ययोजना तैयार की जा सके। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
 
इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री महामारी से लड़ने के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने पर विचार करेंगे। निषिद्ध क्षेत्रों की संख्या, टीकाकरण अभियान और अस्पताल में बेड की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री दिल्ली के हालात पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों से नियमित ताजा जानकारी लेकर रोजाना समीक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
 
इसमें कहा गया है कि केजरीवाल द्वारा दिए गए आदेशों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता उपायों में वृद्धि की है और कोविड महामारी से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
 
बयान के अनुसार 33 निजी अस्पतालों में सामान्य वार्डों के साथ ही आईसीयू बिस्तर की संख्या में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। निगरानी टीमें जिला स्तर पर स्थिति का कड़ाई से निरीक्षण कर रही हैं।
 
बयान के अनुसार संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए कम से कम 30 लोगों का पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही यह देखा गया है कि कई सार्वजनिक स्थानों पर दिल्ली सरकार के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तथा कुछ लोग मास्क पहनने को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद प्रतिदिन 80,000 जांच करने का लक्ष्य तय किया गया है तथा कोविड टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाकर करीब लगभग 600 कर दी गई है। (इनपुट भाषा)

Share this Story:
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

webdunia
चेतावनी, Corona से संक्रमित 1 व्यक्ति 400 को कर सकता है संक्रमित