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Coronavirus : भविष्य की बूस्टर खुराक के लिए नए 'फॉर्मूलेशन' की होगी जरूरत

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शुक्रवार, 3 जून 2022 (23:44 IST)
वॉशिंगटन। कोरोनावायरस (Coronavirus) रोधी टीकों पर अद्यतन होने का मतलब है कि इस बिंदु पर एक ही टीके की 3 या 4 खुराक ली जा चुकी हैं। वर्तमान बूस्टर का 'फॉर्मूलेशन' 2019 के अंत में उभरे कोरोनावायरस के मूल स्वरूप के आधार पर बनाए गए पहले से अधिकृत टीकों की तरह ही है।

वे अभी भी कोविड-19 के गंभीर होने, अस्पताल में भर्ती होने तथा महामारी से होने वाली मौतों से रक्षा करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे समय के साथ प्रतिरोधक क्षमता कम होगी और नए, अधिक संक्रामक सार्स-सीओवी-2 के स्वरूप सामने आएंगे, दुनिया को दीर्घकालिक बूस्टर रणनीति की आवश्यकता होगी।

मैं एक इम्यूनोलॉजिस्ट (प्रतिरक्षा विशेषज्ञ) हूं जिसके द्वारा वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता का अध्ययन किया जाता है। मैंने मॉडर्न और जॉनसन एंड जॉनसन सार्स-सीओवी-2 टीके, और एली लिली तथा एस्ट्राजेनेका से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी विकसित करने में मदद करने वाली टीम में भागीदारी की।

मुझसे अकसर पूछा जाता है कि भविष्य में लोगों को कितनी बार, या बार-बार, मुझे लगता है कि लोगों को कोविड-19 रोधी बूस्टर खुराक की आवश्यकता हो सकती है। किसी के पास यह देखने के लिए क्रिस्टल बॉल नहीं है कि आगे कौनसा सार्स-सीओवी-2 स्वरूप आएगा या यह भविष्य में टीका प्रतिरक्षा से बचने में कितना सक्षम रहेगा। लेकिन कुछ समय के लिए मानवता को परेशान करने वाले अन्य श्वसन वायरल शत्रुओं को देखते हुए यह सुझाव दिया जा सकता है कि भविष्य कैसा दिख सकता है।

इन्फ्लुएंजा वायरस एक उदाहरण प्रदान करता है। यह मनुष्यों में स्थानिक बीमारी है, जिसका अर्थ है कि यह गायब नहीं हुआ है और आबादी में मौसम के हिसाब से संक्रमण के रूप में उभरता रहा है। हर साल अधिकारी गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए फ्लू रोधी खुराक के सर्वोत्तम फॉर्मूलेशन के पूर्वानुमान का प्रयास करते हैं।

जैसा कि सार्स-सीओवी-2 का उभरना जारी है और इसके स्थानिक बीमारी होने की संभावना है, यह संभव है कि लोगों को निकट भविष्य के लिए समय-समय पर बूस्टर खुराक की आवश्यकता हो सकती है। मुझे लगता है कि वैज्ञानिकों को अंततः नए स्वरूपों पर काबू पाने के लिए कोविड-19 रोधी टीके को उन्नत करने की आवश्यकता होगी, जैसा कि वे फ्लू के मामले में करते हैं।

सावधानीपूर्वक निगरानी के आधार पर फ्लू का पूर्वानुमान लगाना
इन्फ्लुएंजा वायरस निगरानी एक संभावित मॉडल प्रदान करती है कि समय के साथ सार्स-सीओवी-2 पर कैसे नजर रखी जा सकती है। फ्लू के वायरस ने कई महामारियां पैदा की हैं, जिनमें 1918 की महामारी भी शामिल है, जिसमें दुनियाभर में अनुमानित रूप से पांच करोड़ लोग मारे गए थे। हर साल फ्लू का मौसमी प्रकोप होता है, और हर साल अधिकारी जनता को फ्लू रोधी टीका खुराक लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

हर साल, विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक इन्फ्लुएंजा निगरानी और प्रतिक्रिया प्रणाली सहित स्वास्थ्य एजेंसियां ​​दक्षिणी गोलार्ध में फैल रहे फ्लू स्वरूपों के आधार पर एक सुविज्ञ अनुमान लगाती हैं, जिसके उत्तरी गोलार्ध के आगामी फ्लू मौसम में फैलने की सबसे अधिक संभावना होती है। फिर चयनित फ्लू स्वरूपों के आधार पर बड़े पैमाने पर टीके का उत्पादन शुरू होता है।

फ्लू के कुछ मौसम में टीके का वायरस के उपस्वरूपों के साथ बड़ा मेल नहीं बनता है जो अंत में सबसे व्यापक रूप से प्रसारित होता है। उन वर्षों में गंभीर बीमारी को रोकने में टीका खुराक उतनी अच्छी नहीं होती। फ्लू रोधी टीका क्षेत्र को मजबूत वायरल निगरानी प्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों के ठोस अंतरराष्ट्रीय प्रयास से लाभ हुआ है।

जब इन्फ्लूएंजा और सार्स-सीओवी-2 वायरस के विवरण अलग-अलग हैं, तो मुझे लगता है कि कोविड-19 क्षेत्र को लंबी अवधि में समान निगरानी प्रणाली अपनाने के बारे में सोचना चाहिए। जो स्वरूप प्रसारित हो रहे हैं, उनके शीर्ष पर रहने से अनुसंधानकर्ताओं को सार्स-सीओवी-2 रोधी टीके को उन्नत करने में मदद मिलेगी, जो कोरोनावायरस के नए स्वरूप से मेल खाते हों।

सार्स-सीओवी-2 अब तक कैसे विकसित हुआ
सार्स-सीओवी-2 एक उद्भव अनिश्चितता का सामना कर रहा है, क्योंकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है और अपनी प्रतिकृति तैयार करता है। वायरस को अपने स्पाइक प्रोटीन का उपयोग करके मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने की अपनी क्षमता को बनाए रखने की आवश्यकता है।

जबकि अभी भी उन तरीकों में परिवर्तन हो रहा है जो इसे टीके की प्रतिरक्षा से बचने में सक्षम बनाते हैं। टीके आपके शरीर को एक विशेष स्पाइक प्रोटीन को पहचानने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, इसलिए जितना अधिक यह बदलता है, उतनी ही अधिक संभावना है कि टीका नए स्वरूप के खिलाफ अप्रभावी होगा।

इन चुनौतियों के बावजूद, सार्स-सीओवी-2 और इसके उपस्वरूप सफलतापूर्वक विकसित और अधिक संक्रामक तथा लोगों की प्रतिरक्षा से बेहतर तरीके से बचने में सफल हो गए हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान, चिंता का कोई न कोई एक नया सार्स-सीओवी-2 उपस्वरूप उभरा है, जो हर चार से सात महीने में घातक लहरों की श्रृंखला में हावी रहा है।

लगभग घड़ी के काम की तरह, डी614जी स्वरूप 2020 के वसंत में उभरा और मूल सार्स-सीओवी-2 से आगे निकल गया। 2020 के अंत और 2021 की शुरुआत में, अल्फा स्वरूप उभरा और हावी हो गया। 2021 के मध्य में, डेल्टा स्वरूप ने अल्फा को पछाड़ दिया और फिर 2021 के अंत में ओमिक्रॉन स्वरूप हावी हो गया।
 
यह सोचने का कोई कारण नहीं है कि यह क्रम जारी नहीं रहेगा। आने वाले महीनों में दुनिया विभिन्न ओमिक्रॉन उपस्वरूप के एक नए स्वरूप को देख सकती है। वर्तमान बूस्टर खुराक सार्स-सीओवी-2 के विलुप्त हो चुके स्वरूप के प्रकोप के आधार पर टीकों की अतिरिक्त खुराक हैं। कोरोनावायरस का स्वरूप मूल वायरस से बहुत अधिक बदल गया है, जो निरंतर टीका प्रभावकारिता के लिए अच्छा नहीं है।

भविष्य के लिए योजना
हां, आगामी पतझड़ और सर्दियों के मौसम में प्रमुख सार्स-सीओवी-2 स्वरूप मौजूदा ओमिक्रॉन उप स्वरूप से अलग हो सकते हैं। लेकिन एक उन्नत बूस्टर जो आज के ओमिक्रॉन उपस्वरूप के लिहाज से अधिक प्रभावी हो, संभवतः आगे जाकर बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा।(द कन्वरसेशन)

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