Publish Date: Tue, 21 Jul 2020 (18:50 IST)
Updated Date: Tue, 21 Jul 2020 (19:33 IST)
नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, बार-बार हाथ धोना और मास्क लगाना कारगर हथियार माने जाते हैं। N-95 मास्क को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को चेतावनी जारी की है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि लोग सांस लेने वाले छिद्रयुक्त एन-95 मास्क का प्रयोग न करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक राजीव गर्ग ने राज्यों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मामलों के प्रधान सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि सामने आया है कि प्राधिकृत स्वास्थ्यकर्मियों की जगह लोग एन-95 मास्क का ‘अनुचित इस्तेमाल' कर रहे हैं, खासकर उनका जिनमें छिद्रयुक्त श्वसनयंत्र लगा है.
उन्होंने कहा कि आपके संज्ञान में लाया जाता है कि छिद्रयुक्त श्वसनयंत्र लगा एन-95 मास्क कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए गए कदमों के विपरीत है, क्योंकि यह वायरस को मास्क के बाहर आने से नहीं रोकता। इसके मद्देनजर मैं आपसे आग्रह करता हूं कि सभी संबंधित लोगों को निर्देश दें कि वे फेस/माउथ कवर के इस्तेमाल का पालन करें और एन-95 मास्क के अनुचित इस्तेमाल को रोकें।
मास्क को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- वाल्व लगे #N95 #Mask #COVID19 के प्रसार को रोकने में सक्षम नहीं। छिद्रयुक्त श्वसन यंत्र लगा N-95 मास्क कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अपनाए गए नियमों के विपरीत है। सभी से आग्रह है कि कपड़े से बने ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल करें व अन्य को इसके प्रति प्रोत्साहित भी करें।