Publish Date: Sun, 29 Mar 2020 (21:53 IST)
Updated Date: Sun, 29 Mar 2020 (22:00 IST)
इंदौर। इंदौर में जानलेवा कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुछ सख्त फैसले लिए हैं। 30 मार्च से आगामी 1 अप्रैल तक (तीन दिनों तक) इंदौर को पूरी तरह लॉकडाउन किया जा रहा है। इसमें शहर पूरी तरह बंद रहेगा। सड़कों पर न तो दोपहिया वाहन चलेंगे और न ही चारपहिया वाहन। यही नहीं, पेट्रोल पंप समेत किराना, सब्जी और दूध की दुकानें तक नहीं खुलेंगी।
शहर को कोरोना से बचाने के लिए संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह कठोर निर्णय लिए गए। प्रशासन ने फैसला लिया है कि शहर की सड़कों पर किसी तरह के वाहन को चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
बैठक में यह भी फैसला लिया है कि जिन घरों में कोरोना के मरीज़ मिले हैं, उनके इर्द गिर्द रहने वालों को Quarintine सेंटर में रखा जाएगा। इसी के साथ शहर में मजदूर वर्ग बेसहारा और बिना छत के नहीं रहेगा। ऐसे लोगों के लिए राधा स्वामी डेरे में व्यवस्था की जा रही है।
शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि चोइथराम मंडी पूरी तरह बंद करवाई जाएगी। अगले तीन-चार दिन लॉक डाउन में कोई छूट नहीं। इसके बाद आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई डोर टू डोर करवाने की व्यवस्था की जाएगी ताकि लोग सड़कों पर नहीं निकलें और अपने घरों में ही रहें।
बैठक में इंदौर के आई.जी. विवेक शर्मा, जिलाधीश मनीष सिंह, डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र भी मौजूद थे। बैठक में संभागायुक्त त्रिपाठी ने कहा कि टोटल लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले और कोरोना की सैमपोलिंग में बाधा डालने वालों और स्वास्थ्य विभाग की टीम से असहयोग करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मनीष सिंह ने कहा कि एक स्थान का चयन करके उसे खुली जेल घोषित किया जाएगा और टोटल लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को इस जेल में रखा जाएगा। बैठक में मौजूद आयुक्त नगर निगम आशीष सिंह ने बताया कि नगर निगम राजस्व और पुलिस ने संयुक्त टीम बना ली है।
नोडल अधिकारी नियुक्त : जिलाधीश मनीष सिंह ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं जैसे भोजन, परिवहन, पास वितरण तथा स्वास्थ्य विभाग से अधिकृत चिकित्सकों से संबंध के कार्य के संपादन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इन थाना क्षेत्रों में जूनी इंदौर, मल्हारगंज, परदेशीपुरा, अन्नपूर्णा, सेंट्रल कोतवाली, विजयनगर, संयोगितागंज, सराफा, गांधीनगर, खजराना, आजाद नगर शामिल हैं।
थानेवार 33 कार्यपालिक दंडाधिकारी एवं नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। सिंह ने निर्देश दिए हैं कि नोडल अधिकारी आवश्यकता अनुसार अपने अधीनस्थ स्टाफ की ड्यूटी लगा सकेंगे। समस्त एसडीएम, सीएसपी, नगर निगम के अधिकारी अपने क्षेत्र में निरंतर उपस्थित रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे तथा विभिन्न व्यवस्थाओं में आपसी समन्वय का कार्य देखेंगे।