अमेरिकी नहीं लौटना चाहता स्वदेश, कहा- भारत में कोरोनावायरस से ज्यादा सुरक्षित हूं...

Webdunia
शनिवार, 11 जुलाई 2020 (13:02 IST)
तिरुअनंतपुरम। अमेरिका के लोगों में कोरोनावायरस (Coronavirus) का खौफ इतना है कि विदेशों में फंसे लोग अपने देश ही नहीं लौटना चाहते। ऐसा ही एक मामला भारत के केरल में सामने आया है, जहां 74 वर्षीय अमेरिकी बुजुर्ग जॉनी पियर्स अपने देश वापस ही नहीं जाना चाहता। 
 
पिछले 5 माह से केरल में फंसे बुजुर्ग का कहना है कि कोरोना काल में भारत सरकार अपने नागरिकों के लिए जिस तरह कदम उठा रही है, उससे वे बहुत खुश हैं और वापस अमेरिका नहीं लौटना चाहते। पियर्स का कहना है कि अमेरिका में कोरोना को लेकर अफरा-तफरी मची हुई है। वहां की सरकार लोगों की उचित देखभाल नहीं कर रही है। 
 
ऐसे पियर्स ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा है कि उसके टूरिस्ट वीजा को बिजनेस वीजा में बदल दिया  जाना चाहिए ताकि वह यहीं रह सके। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पियर्स चाहते हैं कि उन्हें 180 दिनों तक रहने  और यात्रा कंपनी शुरू करने के लिए व्यापार वीजा दिया जाए ताकि वे यहां रह सकें। इतना ही नहीं वे चाहते हैं कि  उनका परिवार भी यहीं आ जाए। 
 
उल्लेखनीय है कि अमेरिका में अब तक करीब 33 लाख लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 1 लाख 36 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आपको बता दें कि संक्रमित और मृतकों की संख्‍या के मामले में अमेरिका दुनिया में पहले स्थान पर है। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी, केन्द्र सरकार ने बढ़ाया डीए

नासिक कुंभ के नाम को लेकर अखाड़ों में मतभेद, जानिए कब शुरू होगा मेला

ATM से अतिरिक्त निकासी पर शुल्क बढ़ा, जानिए कब से लागू होंगे यह charges

यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पेशकश, NATO को दी चेतावनी

ईद पर मुंबई में विस्फोट और दंगों की चेतावनी, सुरक्षा बढ़ाई गई

सभी देखें

नवीनतम

जिंदगी पर भारी पड़ा रील का नशा, गिरने से 'यमराज' की मौत

कठुआ ऑपरेशन में कुल 9 की मौत, इनमें 5 आतंकवादी और 4 जवान

विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी, रूसी सशस्त्र बलों में सेवारत 18 में से 16 भारतीय लापता

चीख-पुकार, हिलती इमारतें, धुल का गुबार, हजारों के मरने की आशंका, भूकंप से तबाही की आंखों देखी

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में 1.50 लाख अवमानना ​​मामले लंबित, सरकार ने संसद में दी जानकारी

अगला लेख